जयपुर, 21 फरवरी 2026: राजस्थान हाई कोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और परीक्षा केंद्र के अधीक्षक को नोटिस जारी करके पूछा है कि उन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा में हिजाब पहनकर परीक्षा देने आई महिला उम्मीदवार को क्यों रोका। इस नोटिस के साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ड्रेस कोड को लेकर एक बार फिर से बहस शुरू हो गई है। क्या परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी, परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को खास प्रकार के कपड़े पहनने के लिए मजबूर कर सकती है?
Hijab Dispute in Teacher Recruitment Exam, High Court Sends Notice
मामला राजस्थान शिक्षक सीधी भर्ती परीक्षा 2025 स्तर-II, सामाजिक अध्ययन) का है। महिला उम्मीदवार का नाम अलीशा है जो बूंदी जिले के सावतगढ़, हिंडोली क्षेत्र की रहने वाली है। उसे कोटा के महावीर नगर एक्सटेंशन स्थित तिलक स्कूल में परीक्षा केंद्र आवंटित हुआ था लेकिन जब 18 जनवरी को वह परीक्षा देने पहुंची तो केंद्र के आयोजकों ने हिजाब को नियमों का उल्लंघन मानते हुए एंट्री नहीं दी।
वकील का तर्क- हिजाब से चेहरा नहीं ढका, फिर क्यों रोका
याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं, एडवोकेट अजीत कस्वां और अंसार इंदौरी ने बताया कि छात्रा के धार्मिक अधिकारों और संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन हुआ। छात्रा अपनी आस्था के अनुसार हिजाब पहनती है, जो केवल सिर को ढकता है, चेहरे को नहीं। छात्रा सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंची। फिर भी उसे केवल हिजाब पहनने के कारण प्रवेश से रोका गया, जबकि उसका चेहरा पूरी तरह दिखाई दे रहा था। पहचान सत्यापन के लिए भी वह पूरी तरह तैयार थी।
याचिका में हाई कोर्ट से गाइडलाइन की मांग
याचिका में मांग की गई है कि याचिकाकर्ता को पुनः परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिले और प्रतियोगी परीक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति देने के लिए सुरक्षा उपायों के साथ दिशानिर्देश तैयार किए जाएं। राजस्थान हाई कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और नोटिस जारी करके, इस पूरे मामले में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और केंद्र के अधीक्षक से जवाब मांगा है।

.webp)