STET पर सुप्रीम कोर्ट का नया फैसला: पुराने शिक्षकों को राहत मिली लेकिन छूट नहीं

Updesh Awasthee
भोपाल, 29 मई 2026:
सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया से पुराने शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है लेकिन उनकी मनोकामना पूरी नहीं हुई है। राहत वाली बात यह है की विशेष पात्रता परीक्षा पास करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने लास्ट डेट बढ़ा दी है। इसका मतलब हुआ कि सर पर जो नौकरी जाने की तलवार लटक गई थी, कम से कम इस साल वह गिरेगी नहीं। 

Supreme Court’s New TET Verdict Gives Relief to Old Teachers, But No Exemption

मध्य प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षक इस परीक्षा के दायरे में आते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही यह फाइनल कर दिया था कि, सरकारी स्कूलों में एक शिक्षक के तौर पर नौकरी करने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा का पास करना जरूरी है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में समय भी दिया था परंतु शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की तरफ ध्यान नहीं दिया। जब लोक शिक्षण संचालनालय मध्य प्रदेश, भोपाल द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन शुरू हुआ तब शिक्षकों को विषय की गंभीरता समझ में आई। शिक्षकों द्वारा मांग किए जाने पर सरकार की ओर से रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई थी। और भी कई राज्यों की ओर से रिव्यू पिटीशन दाखिल किए गए थे। भारत भर के कई शिक्षकों के संगठन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निरस्त करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए थे। 

SC Gives Relief to Old Teachers in TET Case

सभी मामलों में एक साथ फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, भारत में यदि शिक्षक के पद पर रहना है तो शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी ही होगी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उन सभी राज्यों पर भी लागू होगा, जिनकी ओर से कोई रिव्यू पिटीशन नहीं आई है अथवा जिन राज्य सरकारों की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। जनगणना आदि के काम में व्यस्तता के कारण शिक्षक, परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाए इसलिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा परीक्षा पास करने की लास्ट डेट बढ़ा दी गई है। पहले 2 साल की लिमिट दी गई थी अब इसको 3 साल कर दिया गया है। इसका सीधा सरल मतलब यह हुआ की 31 अगस्त 2018 तक शिक्षकों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी अन्यथा नौकरी गई। 

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