भोपाल, 21 फरवरी 2026: वर्तमान समय में हम प्रतिदिन साइबर फ्रॉड की कई घटनाओं की खबरें सुन रहे हैं जिनमें लोगों के अकाउंट से लाखों रुपये फ्रॉड द्वारा निकाल लिए जाते हैं। इसे रोकने के लिए सरकार प्रतिदिन सलाह दे रही है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अनजान apk फ़ाइल डाउनलोड न करें। app हमेशा ऑथेंटिक प्लेस्टोर या एपस्टोर से ही डाउनलोड करें। इस सब के बाबजूद माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की एक लापरवाही और है हठधर्मिता ने हजारों मूल्यांकन कर्ता शिक्षकों को साइबर फ्रॉड के खतरे में डाल दिया है।
Board of Secondary Education Bhopal Exposed Thousands of Teachers to Cyber Fraud Risk
पूरे मध्यप्रदेश में दिनांक 22/02/26 से बोर्ड मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ हो रहा है, इसके लिए दिनांक 21/02/26 को प्रथम चरण का प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान जिलों के व्हाट्सएप्प मूल्यांकन ग्रुप में mpbse-valuator.apk नाम की apk फ़ाइल पोस्ट की गई और इसे सभी शिक्षकों को इनस्टॉल करने के लिए बाध्य किया गया। यह app प्लेस्टोर, एप स्टोर या किसी भी सरकारी आधिकारिक वेबसाइट पर पर उपलब्ध नहीं है इसलिए इसकी सुरक्षा की कोई गारंटी भी नहीं है। सीधे किसी डेवलपर से डेवेलप करा कर यह app शिक्षकों के मोबाइल में इनस्टॉल करा दी गई है।
MP BOARD अपने मोबाइल ऐप को प्ले स्टोर पर वेरीफाई क्यों नहीं करवाया
इसका सोर्स भी पता नहीं है, अगर किसी हैकर ने इसके सोर्स कोड में परिवर्तन कर दिया हो तो कौन जिम्मेदार होगा। अगर इस app के कारण किसी का बैंक एकाउंट खाली हो जाता है या और कोई जानकारी लीक हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा। जिले के अधिकारियों से आपत्ति करने पर उनका कहना है कि हमें तो भोपाल से मिली है हम कुछ नहीं कर सकते। आपको app अपने मोबाइल में डाउनलोड करनी है क्योंकि मूल्यांकन की उपस्थिति और अन्य कार्य इसी से होंगे। अगर माध्यमिक शिक्षा मंडल को इस app पर कार्य कराना ही था तो पहले इस app को google play store पर वेरीफाई करा कर डाउनलोड कराना चाहिए था।
एमपी बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी होगी क्योंकि सिस्टम गड़बड़ हो गया
दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस वर्ष से मूल्यांकन हेतु न्यूनतम कॉपी की संख्या बढ़ाकर 45 कर दी है जो कि पहले 30 थी, इसी तरह अधिकतम कॉपी की संख्या भी बढ़ाकर 45 से 60 कर दी गई है। मूल्यांकन के समय कॉपी के एक पेज को पढ़ने और मूल्यांकन करने में कम से कम एक मिनट का समय लगता है और यदि बच्चे ने 10 पेज भी लिखे हैं तो एक कॉपी के मूल्यांकन में 10 मिनट का समय लगेगा, यानि 1 घंटे में 6 कॉपी चेक होना चाहिए, जबकि कॉपी 32 पेज की होती है, अब बोर्ड एक दिन में शिक्षक से 60 कॉपी चेक करा कर बच्चों का क्या भला करने वाला है, ये तो बोर्ड ही जाने, जबकि सीबीएसई में कॉपी की अधिकतम संख्या 20 है।

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