भोपाल समाचार, 7 फरवरी 2026: सातवां वेतनमान के तहत लाखों रुपए की सैलरी और सरकारी सुविधाओं के बावजूद मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी जारी है। लोकायुक्त की जबलपुर टीम ने सीधी जिले में छापा मार कार्रवाई करते हुए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ स्वतंत्र पटेल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
जो देखा वह लिखने के लिए भी डॉक्टर रिश्वत मांग रहा था
मामला मऊगंज जिले के पाती गांव निवासी अंकित शुक्ला से जुड़ा है। करीब एक महीने पहले अमिलिया क्षेत्र में "अंकित शुक्ला" के साथ मारपीट हुई थी, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। कानूनी प्रक्रिया के तहत मेडिकल परीक्षण और रिपोर्ट की आवश्यकता थी। आरोप है कि बीएमओ डॉक्टर स्वतंत्र पटेल ने मेडिकल रिपोर्ट में 'गहरा घाव' लिखने के लिए अंकित से ₹10 हजार की रिश्वत मांगी थी। लगातार गुहार लगाने के बाद रिश्वत की राशि ₹5,000 तय हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता अंकित शुक्ला ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन किया, जो सही पाया गया। सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।
शनिवार सुबह रिश्वत लेते डॉक्टर रंगे हाथ गिरफ्तार
शनिवार सुबह करीब 10 बजे शिकायतकर्ता ने डॉक्टर स्वतंत्र पटेल को रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी डॉक्टर को सीधी जिले के सर्किट हाउस लाया गया, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त निरीक्षक एस. राम मरावी ने बताया कि शिकायत की पूरी तरह से जांच और सत्यापन के बाद ही यह कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में 12 सदस्यीय टीम शामिल थी और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई।

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