भोपाल समाचार, 11 फरवरी 2026: रातीबड़ क्षेत्र में एक युवा असिस्टेंट प्रोफेसर की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। उनकी डेड बॉडी उनके ही कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। एक सुसाइड नोट भी मिला है लेकिन सुसाइड नोट में जो कुछ भी लिखा है इसके कारण पूरा मामला संदिग्ध हो गया है।
सीहोर के रहने वाले 6 महीने पहले भोपाल आए थे
एसआई गब्बर सिंह के मुताबिक 32 वर्षीय शैलेंद्र सिंह ठाकुर पुत्र महेंद्र सिंह ठाकुर गोल्डन सिटी रातीबड़ में किराए से रहते थे। वह मूल रूप से सीहोर जिले के आष्टा स्थित गोपालपुर गांव के रहने वाले थे। बीते 6 महीने से भोपाल में किराए का कमरा लेकर रहते थे और रातीबड़ के ही प्राइवेट कॉलेज में बतौर प्रोफेसर जॉब कर रहे थे। उनके भाई ने पुलिस को बताया कि शैलेंद्र को किसी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी।
सुसाइड नोट इसलिए शक के दायरे में
बीते कुछ समय से उसे सर्दी और जुकाम जल्दी हो जाया करता था। इसके बाद होने वाली कमजोरी से वह परेशान रहता था। एसआई ने बताया कि शैलेंद्र के कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा कि बीमारी से तंग हूं...इसलिए जीना नहीं चाहता। सभी को बहुत प्यार करता हूं। अपना ध्यान रखें और स्वस्थ्य रहें। पुलिस के मुताबिक शैलेंद्र की पत्नी को बच्चेदानी का कैंसर है। जिसका इलाज बीते एक साल से चल रहा है। फिलहाल पत्नी अपने गोपालपुर स्थित मायके में रह रही है। मायके वाले ही उसका इलाज करा रहे हैं। इस बात को लेकर भी शैलेंद्र तनाव में रहता था।

.webp)