आलीराजपुर। सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, आलीराजपुर के परिसर में बगीचे के सौंदर्यीकरण के अंतर्गत नवनिर्मित तरणताल (स्वीमिंग पूल) का शुभारंभ हर्षोल्लास के साथ आज किया गया। इस अवसर पर विद्या भारती मालवा के सह प्रांत संयोजक संतोष विश्वकर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वकर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिशु शिक्षा को बस्ते के बोझ से मुक्त कर गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। विद्या भारती का भी लक्ष्य भैया-बहनों का सर्वांगीण विकास करना है। इसी उद्देश्य से 3 से 8 वर्ष की आयु वर्ग को फाउंडेशन स्टेज मानते हुए 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं का समावेश किया गया है, जिनमें पंचभूत आधारित शिक्षण को प्रमुख स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि शिशु शिक्षा की प्रथम शिक्षक माँ होती है, जो बच्चे को बाहरी दुनिया से परिचित कराती है। यदि लालन-पालन में विवेक और समझदारी से कार्य किया जाए, तो वही बच्चा आगे चलकर राष्ट्र को श्रेष्ठ नागरिक प्रदान कर सकता है। इतिहास में वही पीढ़ियाँ याद की जाती हैं जिन्होंने देश और धर्म के लिए कार्य किया हो—जैसे लव, कुश, ध्रुव और प्रह्लाद, जिन्हें उनके त्याग, बलिदान और वीरता के कारण आज भी स्मरण किया जाता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ धार विभाग के विभाग प्रचारक दिनेश तेजरा रहे, जिनके कर-कमलों से तरणताल का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं बच्चे उपस्थित रहे। विद्यालय संचालन समिति से अध्यक्ष पुष्पलता शाह, सह सचिव श्याम गुप्ता, उपाध्यक्ष अनिल जैन, सतीश भाटी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन साक्षी राठौर ने किया, अध्यक्षता प्राचार्य बलिराम बिल्लौरे ने की तथा आभार प्रदर्शन सचिव रोमिल जैन ने किया।

