केंद्र सरकार ने 18 प्राचीन स्मारकों को संरक्षित सूची से हटाया, राष्ट्रीय महत्व के नहीं रह गए हैं

Updesh Awasthee
नई दिल्ली, 12 फरवरी 2026
: केंद्र सरकार ने देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रबंधन को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के तहत, 18 स्मारकों को 'संरक्षित स्मारकों' की सूची से हटा (Delist) दिया गया है। सरकार का मानना है कि ये स्थल अब राष्ट्रीय महत्व के नहीं रह गए हैं। 

स्मारकों की सुरक्षा और प्रबंधन संस्कृति मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कोई भी संरक्षित स्मारक गायब नहीं है। महत्वपूर्ण स्मारकों की सुरक्षा के लिए मल्टी-टास्किंग स्टाफ और आवश्यकतानुसार निजी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। विशेष रूप से, दिल्ली के लाल किले और आगरा के ताजमहल जैसे संवेदनशील और अधिक पर्यटकों वाले स्थलों की सुरक्षा की कमान CISF के हाथों में है।

राष्ट्रीय संरक्षित सूची से हटाए गए स्मारकों की लिस्ट

जिन 18 स्थलों को सूची से बाहर किया गया है, उनमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्मारक शामिल हैं। मुख्य रूप से हटाए गए कुछ स्मारक इस प्रकार हैं:
1. निकोलसन प्रतिमा और उसका मंच, आसपास के बगीचे, रास्ते और घेरे वाली दीवार (कश्मीरी गेट के बाहर, दिल्ली)।
2. कोस मीनार नंबर 13 (ग्राम मुजेसर, गुरुग्राम, हरियाणा)।
3. कोस मीनार (शाहबाद, करनाल, हरियाणा)।
4. बछौन के किले में शिलालेख (बछौन, सतना, मध्य प्रदेश)।
5. बाड़ा खंबा कब्रिस्तान (इंपीरियल सिटी, दिल्ली)।
6. इंचला वाली गुमती (मुबारकपुर कोटला, दिल्ली)।
7. मंदिर (12वीं शताब्दी) (बारां, कोटा, राजस्थान)।
8. नगर किले में शिलालेख (नगर, जयपुर, राजस्थान)।
9. कुटुंबरी क्षेत्र 1316 नाली (द्वाराहाट, अल्मोड़ा, उत्तराखंड)।
10. प्राचीन इमारतों के अवशेषों वाला एक बहुत पुराना बरगद का उपवन (भरनली गंगा तीर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश)।
11. बंद कब्रिस्तान, कटरा नाका (बांदा शहर के दक्षिण-पश्चिम में, उत्तर प्रदेश)।
12. रंगून में गनर बर्किल का मकबरा (झांसी, उत्तर प्रदेश)।
13. गऊघाट कब्रिस्तान (लखनऊ, उत्तर प्रदेश)।
14. जहरैला रोड पर मील 6 और 8 पर स्थित कब्रिस्तान (लखनऊ, उत्तर प्रदेश)।
15. लखनऊ-फ़ैज़ाबाद रोड पर मील 3, 4 और 5 पर स्थित मकबरे (लखनऊ, उत्तर प्रदेश)।
16. गांव के उत्तर में 3 छोटे लिंग मंदिरों के अवशेष (अहुगी, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश)।
17. तेलिया नाला बौद्ध अवशेष (वाराणसी, उत्तर प्रदेश),।
18. ट्रेजरी बिल्डिंग (कोषागार भवन) पर लगी पट्टिका (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)।

ज्ञान भारतम मिशन और सांस्कृतिक शोध जहाँ एक ओर कुछ भौतिक स्मारकों को सूची से हटाया गया है, वहीं सरकार डिजिटल संरक्षण पर तेज़ी से काम कर रही है। ज्ञान भारतम मिशन के तहत अब तक 7.5 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 1.29 लाख पांडुलिपियां 'ज्ञान भारतम पोर्टल' पर जनता के लिए उपलब्ध हैं। 

इसके साथ ही, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) लुप्तप्राय लोक और जनजातीय कला रूपों के दस्तावेजीकरण, अनुसंधान और ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को सहेजने का कार्य कर रहा है।

यह महत्वपूर्ण जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में साझा की।

संस्कृति मंत्रालय की इस कार्रवाई का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और केवल उन्हीं स्थलों पर ध्यान केंद्रित करना है जो वास्तव में राष्ट्रीय महत्व के मापदंडों पर खरे उतरते हैं। 
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