ग्वालियर, 26 दिसंबर 2025: सरकारी संरक्षण में मशहूर हुए गायक कैलाश खेर ने अपने ही फैंस को जानवर कह दिया। ग्वालियर में जब उनके फैंस उनके गाने पर झूमने लगे तो कैलाश खेर नाराज हो गए। उन्होंने स्टेज पर एक से दूसरी तरफ जाते हुए बोला कि, हमने आपकी प्रशंसा की और आप जानवरगीरी कर रहे हैं। दरअसल, फैंस की वैल्यू उसको समझ में आती है जो अपने उद्यम पर खड़ा हुआ हो। कैलाश खेर मूल रूप से सरकारी खर्चे पर, सरकार द्वारा बुलाई गई ऑडियंस को गाना सुनने वाले कलाकार हैं।
यूं ही चला चल राही... गाना सुना और भीड़ स्टेज की ओर बढ़ने लगी
कैलाश खेर 25 दिसंबर को तबला दिवस और ग्वालियर गौरव दिवस के अवसर पर ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे थे। यह आयोजन शाम 7 बजे शुरू हुआ था। व्यापार मेले के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने अपने मशहूर गीत “जाना जोगी दे नाल वे” से मंच पर एंट्री ली। इस कार्यक्रम को संस्कृति विभाग की स्वीकृति प्राप्त थी। कैलाश खेर ने “बम-बम-बम लहरी”, “तेरी दीवानी”, “अल्लाह के बंदे” और “यूं ही चला चल राही” जैसे अपने चर्चित गीतों की प्रस्तुति दी। मौजूद पब्लिक उनके गानों पर झूमने इस दौरान उनकी तरफ आगे बढ़ने लगी। ग्वालियर के लिए या सामान्य बात है, लेकिन जैसे ही लोग मंच के नजदीक पहुंचे, कैलाश खेर घबरा गए।
कैलाश खेर ग्वालियर वालों को देखकर घबरा गए, पुलिस बुलाने लगे
मंच से माइक पर नाराजगी जताते हुए कैलाश खेर ने कहा, “हमारे इक्विपमेंट के निकट नहीं आएं, अगर आए तो हम शो बंद कर देंगे। हमने आपकी प्रशंसा की और आप जानवरगीरी कर रहे हैं। ” यदि कर पुलिस सकरी हो गई और उन्होंने कैलाश खेर को सुरक्षा का एहसास दिलाया, लेकिन कैलाश खेत में शायद ऐसा एक्सपीरियंस पहले कभी नहीं किया था। कैलाश खेर ने मंच से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पास आकर व्यवस्था संभालने का अनुरोध भी किया। हालांकि, मौके पर सुरक्षाकर्मी मौजूद थे, इसके बावजूद कैलाश खेर बहुत डरे हुए थे। यह देखकर पुलिस ने परंपरा का पालन किया और भीड़ अनुशासन में आ गई।

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