भोपाल, 17 नवम्बर 2025: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संगठन भारतीय किसान संघ और सीएम डा मोहन यादव के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। किसान संघ ने उज्जैन में दूसरे प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है और यह भी कहा है कि इस बार का प्रदर्शन पिछली बार से ज्यादा बड़ा होगा।
1000 से ज्यादा किसान अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे
उज्जैन में सिंहस्थ की भूमि पर लैंड पुलिंग योजना का पिछले आठ महीनों से विरोध कर रहे भारतीय किसान संघ ने मंगलवार से बड़े आंदोलन की घोषणा की है। दावा किया जा रहा है कि एक हजार से अधिक किसान कलेक्टर कार्यालय पर डेरा डालकर प्रदर्शन करेंगे और मांगें पूरी न होने तक वहीं रुके रहेंगे। इस दौरान किसान अपने साथ राशन, पानी और ईंधन भी लेकर पहुंचेंगे।
भारतीय किसान संघ के संयोजक भारत सिंह बेस ने बताया कि उज्जैन सहित आसपास के जिलों के किसान मंगलवार से उज्जैन में डेरा डालेंगे। किसान संघ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत कलेक्टर और आयुक्त कार्यालय के अनिश्चितकालीन घेरा डालो–डेरा डालो आंदोलन से होगी।
उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार सिंहस्थ क्षेत्र व पूरे प्रदेश में लैंड पुलिंग कानून को समाप्त नहीं करती, तब तक किसान कलेक्ट्रेट परिसर में ही रहेंगे, वहीं खाना बनाएंगे, खाएंगे और वहीं रुकेंगे। प्रदेश के 18 जिलों के किसान परिवार सहित उज्जैन पहुंचेंगे और अपने साथ राशन-पानी, बिस्तर और झंडे लेकर आएंगे।
मेला क्षेत्र से मिट्टी लेकर धरने पर जाएंगे
आंदोलन मंगलवार सुबह 9 बजे मेला क्षेत्र से शुरू होगा। किसान मेला क्षेत्र की पवित्र मिट्टी लेकर अंगारेश्वर मंदिर के पास भूमि माता मंदिर पहुंचेंगे। वहां मिट्टी अर्पित करने के बाद यह कारवां कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ेगा। लगभग दोपहर 12 बजे किसान कोठी पैलेस के पास कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे, जहां करीब एक हजार किसान धरना-प्रदर्शन करेंगे।
हालांकि अभी तक किसान संघ को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है, लेकिन संगठन पीछे हटने के मूड में नहीं है।
किसानों की मुख्य मांगें
लैंड पुलिंग एक्ट को तत्काल रद्द किया जाए।
सिंहस्थ क्षेत्र में आध्यात्मिक सिटी के नाम पर स्थायी निर्माण न किया जाए।
किसानों की जमीन अधिग्रहित न की जाए।
मेला पूर्व की परंपरा के अनुसार ही लगाया जाए।
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