इंदौर। शहर के नगर निगम पार्षद अनवर कादरी की पार्षदी को समाप्त करने का फैसला आया है, साथ ही उन्हें अगले पांच वर्षों के लिए किसी भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह कदम गंभीर आरोपों के बाद संभागीय आयुक्त द्वारा लिया गया, जो जनप्रतिनिधियों की accountability को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फरार पार्षद के खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगा था
— Bhopal Samachar (@BhopalSamachar) November 10, 2025महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस फैसले को सख्त संदेश करार देते हुए कहा, "यह उन लोगों के लिए कड़ा warning है जो public representative रहते हुए देश-विरोधी activities में लिप्त पाए जाते हैं।" उनके मुताबिक, कादरी पर इस कार्यकाल के दौरान anti-national गतिविधियों में शामिल होने, 'लव जिहाद' जैसे sensitive मामलों में funding करने और municipal corporation की image को tarnish करने के आरोप लगे थे। इनमें से कई allegations के concrete evidence सामने आने के बाद शहरवासियों और fellow councillors में गहरा resentment पैदा हो गया था।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब नगर निगम के पार्षदों ने speaker के समक्ष two-thirds majority से resolution पास किया और मामला divisional commissioner को refer कर दिया। शिकायतों, documents और proofs की thorough जांच के बाद आयुक्त ने relevant rules के तहत यह action लिया।
स्थानीय leaders और citizens ने इस decision का warmly welcome किया है। उनका मानना है कि यह step elected representatives की responsibility को ensure करता है, ताकि public trust बना रहे। महापौर भार्गव ने फैसले के बाद विभिन्न social organizations की ओर से मध्य प्रदेश government और commissioner office का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी initiatives से democracy की foundations को मजबूती मिलती है, और future में कोई भी deviation बर्दाश्त नहीं होगा।
यह मामला न केवल इंदौर बल्कि पूरे राज्य के municipal bodies के लिए एक precedent set कर सकता है, जहां ethical conduct को paramount रखा जाए।
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