BNS 40, IPC 102 - प्रतिरक्षा का अधिकार कब से प्रारंभ होता है एवं कब तक बना रहता है, जानिए

Legal general knowledge and law study notes

भारतीय दंड संहिता की धारा 100 एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 38 बताती है कि व्यक्ति पर कोई हमलावर हमला कर दे एवं हमले के कारण कोई गंभीर चोट होने की संभावना होती है, तब कोई भी व्यक्ति हमलावर की मृत्यु तक कर सकता है लेकिन IPC की धारा-99 के उपबन्धों के अधीन प्राइवेट प्रतिरक्षा का बचाव नहीं होगा। भारतीय दण्ड संहिता की धारा धारा- 101 एवं BNS की धारा 39 भी यही बताती है की जब कोई हमलावर ऐसे हमला करता है जो गम्भीर नहीं है तब व्यक्ति हमलावर की मृत्यु नहीं कर सकता है, लेकिन जानिए आज IPC की धारा-102 एवं BNS की धारा 40 क्या कहती हैं।

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 40, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 102 की परिभाषा 

किसी व्यक्ति को तुरंत खतरे की आशंका होते ही निजी प्रतिरक्षा का अधिकार उत्पन्न हो जाता है एवं यह तब तक जारी रहता है जब तक कि खतरे की आशंका बनी रहती हैं। यदि खतरे की आशंका का कारण समाप्त हो गया हो, तब व्यक्ति का निजी प्ररिरक्षा के बचाव की आवश्यकता भी समाप्त हो जाती है।

उधारानुसार समझते हैं:-
1. नान्हू कहार बनाम बिहार राज्य -  मृतक द्वारा आरोपी के पिता पर लाठी से प्रहार किये जा रहे थे जिसके कारण आरोपी को प्रतिरक्षा का बचाव उपलब्ध था, लेकिन मारपीट शांत होने के बाद भी आरोपी ने मृतक पर तेज धार वाले हथियार से हमला किया जिसके कारण उसकी मृत्यु हो गई। न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया कि झगड़ा शांत होते ही आरोपी का निजी प्रतिरक्षा का अधिकार भी समाप्त हो गया था। अतः उसके द्वारा मृतक पर धार वाले हथियार से प्रहार किया जाना प्राइवेट प्रतिरक्षा पर अतिक्रमण माना जाएगा।

2. मुख्तयार सिंह बनाम पंजाब राज्य -  मामले में न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया कि निजी प्रतिरक्षा का अधिकार उसी समय उत्पन्न हो जाता है जब कि तत्काल हमले की या उसके प्रयास की आशंका हो और खतरा बने रहने तक वह जारी रहेगा। अतः हमले को असफल बनाने के लिए प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रयोग किया जाना उचित होगा, लेकिन जैसे ही हमलावर को जमीन पर गिराकर उसका हथियार छीन कर उसे निहत्था कर दिया जाता है तब प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उसी समय समाप्त हुआ माना जायेगा। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) 

:- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद), इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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