जबलपुर, 24 जुलाई 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल आंचलिक कार्यालय ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बड़ी कार्यवाही करते हुए लगभग 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्यवाही विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के कड़े प्रावधानों के तहत प्रियंक मेहता नामक व्यक्ति के खिलाफ की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी प्रियंक मेहता ने 'उदारीकृत प्रेषण योजना' (LRS) का सहारा लेकर बड़ी चालाकी से विदेशी मुद्रा का हेरफेर किया। मेहता ने संयुक्त राज्य अमेरिका के EB-5 वीजा कार्यक्रम में निवेश करने के बहाने भारत से 5,48,000 अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम राशि विदेश भेजी थी।
जांच के दौरान पाया गया कि भेजी गई राशि में से 5,02,954 अमेरिकी डॉलर का उपयोग उस घोषित उद्देश्य के लिए नहीं किया गया, जिसके लिए अनुमति ली गई थी। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि विदेशी मुद्रा को भारत वापस भेजने के बजाय, प्रियंक मेहता ने उसे सीधे अमेरिका से पुर्तगाल स्थानांतरित कर दिया। इस राशि का उपयोग पुर्तगाल में एक अचल संपत्ति खरीदने में किया गया और बाकी पैसे वहीं के एक विदेशी बैंक खाते में जमा कर दिए गए।
ED Attaches ₹3.67 Crore Assets of Jabalpur's Priyank Mehta in Major Enforcement Action
भारत के बाहर इस तरह विदेशी मुद्रा और संपत्तियों को रखना और उनका उपयोग करना फेमा, 1999 की धारा 4 और धारा 10(6) का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी के चलते, ईडी ने फेमा की धारा 37A(1) के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मेहता की जबलपुर स्थित संपत्ति को कुर्क कर लिया है, जो भारत के बाहर रखी गई राशि के समतुल्य है। फिलहाल, ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है और आने वाले समय में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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