BHOPAL NEWS - कोलार में किसान की कथित हत्या के मामले में ऑडियो वायरल, एंबुलेंस ड्राइवर का बयान

मध्य प्रदेश की राजधानी कोलार में पुलिस हिरासत में हुई किसान मुकेश लोधी की संदिग्ध मृत्यु के मामले में, उनके पुत्र एवं परिवार वालों ने दावा किया है कि, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर देने के कारण उनकी हत्या कर दी गई। आशा ऊषा कार्यकर्ता आशा साहू, उनके पति श्री भगवान दास साहू और स्वर्गीय मुकेश सिंह को हिरासत में लेने वाले पुलिस कर्मचारियों पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा है। 

पुलिस ने एक्सीडेंट बोला जबकि घायल थाने में था, ऑडियो वायरल 

पीड़ित परिवार की ओर से एक ऑडियो वायरल किया गया है। बताया गया है कि इस ऑडियो में मृत किसान स्वर्गीय मुकेश लोधी के बेटे अनमोल लोधी और एंबुलेंस ड्राइवर के बीच की बातचीत की रिकॉर्डिंग है। 
किसान का बेटा अनमोल - तुम्हें पापा कहां मिले? 
एंबुलेंस ड्राइवर - हमें 108 से कॉल आया था। वहां पुलिसवाले ने कॉल किया था। कहा था कि अम्रावत कला के पास एक्सीडेंट हो गया। हम गाड़ी लेकर कोलार सामुदायिक केंद्र पहुंचे, तब तक घायल को थाने के बाहर ले जाया जा चुका था। हम वहां पहुंचे, वहां से पेशेंट हमारे हवाले किया। उसे जेपी अस्पताल पहुंचाया। मामले की जानकारी आपको कॉल पर दी।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत नहीं करनी चाहिए थी

एक अन्य अन्य ऑडियो में युवक मृतक के बड़े भाई पदम सिंह से कहता सुनाई दे रहा है कि सीएम हेल्प लाइन पर क्यों शिकायत की? पुलिस आपके प्रकरण में कार्रवाई कर रही है। ऐसे में शिकायत नहीं करना चाहिए। कॉल पर मृतक का भाई जवाब देता है कि घटना ऐसी है कि शिकायत जरूरी था।

₹200 रिश्वत के लिए विवाद शुरू हुआ था

मृतक मुकेश लोधी के बेटे अनमोल लोधी ने बताया कि सामुदायिक केंद्र में सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे मां पूजा लोधी पहुंची थी। वहां मच्छरदानी बांटी जा रही थी। जिसे देने के एवज में आशा ऊषा कार्यकर्ता आशा साहू ने मां से 200 रुपए मांगे। मां ने रुपए नहीं होने की बात कही। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसकी सूचना पर पिता पहुंच गए। महिला ने अपने पति भगवानदास साहू को बुला लिया।

पुलिस महिला कर्मचारी के पति के निर्देश पर काम कर रही थी

अनमोल का कहना है कि भगवानदास ने आते ही पिता से बदसलूकी की। पुलिस बुलाकर पिता को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस के वाहन में आशा और भगवान दास भी साथ गए। रास्ते में इसके बाद उनके साथ क्या हुआ, यह पुलिस को ही बताना चाहिये। हमें शक है पुलिस की मारपीट के कारण पिता की जान गई है। दोषियों पर कार्रवाई होना चाहिए।

मुकेश लोधी, परिवार में अकेले कमाने वाले थे

परिवार में पिता ही अकेले कमाने वाले थे। उनके जाने के बाद तीनों भाई-बहन यतीम हो गए हैं। मां सदमे में हैं। घायल हालत में पिता के मिलने के बाद से ही बदहवास हैं। न कुछ खाने को तैयार हैं और न ही पानी पीने को। घर से लेकर शवगृह तक पुलिस बल की तैनाती रही। जैसे हमने ही अपराध कर दिया हो। अनमोल का कहना है कि मैं 12वीं में पढ़ता हूं।

दो घंटे तक चला हंगामा
बुधवार की दोपहर को पीएम के बाद परिजन मुकेश लोधी के शव को कोलार लेकर पहुंचे। यहां थाने के बाहर आरोपी पुलिसकर्मियों और दंपती के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर हरि नारायण चारी मिश्र ने बताया कि न्यायिक जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई तय की जाएगी। 

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