IPC 297 BNS 299 - श्मशान, कब्रिस्तान आदि में अवैध प्रवेश भी दंडनीय अपराध होता है, जानिए legal advice

Legal general knowledge and law study notes

ऐसा कोई भी स्थान जो अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित किया गया है, यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से प्रवेश करता है, अथवा उसे स्थान की संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, अथवा किसी अन्य के अधिकार को छीन लेने की कोशिश करता है, राधा का उल्लंघन करता है अथवा किसी अन्य के अधिकारों में हस्तक्षेप करता है, तो भारतीय दंड संहिता अथवा भारतीय न्याय संहिता 2023 में ऐसे व्यक्ति को दंडित किए जाने का प्रावधान किया गया है। 

भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 297, भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 की परिभाषा

जो कोई व्यक्ति किसी उपासना स्थान या कब्रिस्तान, मकबरा,श्मशान, गिरजाघर आदि में अतिचार (उत्पात) करेगा या किसी मानव शव के दाह संस्कार में विघ्न उत्पन्न करेगा या समाधि स्थान पर उत्पाद करेगा वह व्यक्ति अतिचार का दोषी माना जाएगा एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 297 के अंतर्गत उसके खिलाफ मामला दर्ज करके न्यायालय के समक्ष उसका दंड निर्धारित किए जाने के लिए उसे प्रस्तुत किया जाएगा।

Indian Penal Code, 1860 section 296 , Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 section 299 Punishment

इस धारा के अपराध संज्ञेय एवं जमानतीय होते हैं। इनकी सुनवाई किसी भी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है। इस धारा के अपराध के लिए अधिकतम एक वर्ष की कारावास या जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है। विशेष नोट:- नए कानून भारतीय न्याय संहिता, 2023 में यह धारा 299 है अब, एवं दण्ड की शर्तें यथावत है। 

Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665 , इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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