BNS 88, IPC 314 - गर्भपात के दौरान स्त्री की मृत्यु हो जाए, तो कौन जेल जाएगा डॉक्टर या परिवार

Legal general knowledge and law study notes

किसी महिला की मर्जी के बिना गर्भपात करवाना भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 87 और भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 313 के तहत गंभीर अपराध है। यह मामला महिला की शिकायत पर दर्ज किया जाता है परंतु यदि गर्भपात (महिला की मर्जी से अथवा महिला की मर्जी के बिना) की प्रक्रिया के दौरान किसी महिला की मृत्यु हो जाए, तो फिर किसके खिलाफ और किस कानून के तहत कार्रवाई होगी। आईए जानते हैं:-

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 88 , भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 314 की परिभाषा

जो कोई व्यक्ति किसी गर्भवती स्त्री का गर्भपात करवाता है और गर्भपात होते समय किसी महिला की मृत्यु हो जाती है। गर्भपात करवाने वाले व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता की धारा 315 एवं नए कानून में भारतीय न्याय संहिता की धारा 88 के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाएगा। गवाह और सबूत के साथ केस डायरी सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी ताकि सजा का निर्धारण किया जा सके।

The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 section 88, Indian Penal Code, 1860 section 314 Punishment

इस धारा के अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय होते हैं। इनकी सुनवाई सेशन कोर्ट द्वारा की जा सकती है। इस धारा के अपराध के लिए अधिकतम दस वर्ष की कारावास और जुर्माना से दण्डित किया जा सकता है, लेकिन अगर स्त्री की बिना मर्जी के गर्भपात किया जा रहा हो और उसकी मृत्यु हो जाती है तब आजीवन कारावास और जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) 

:- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665 , इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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