Legal Advice- अचानक गुस्से में गंभीर चोट पहुंचाना, धारा, सजा, जमानत और राजीनामा, CrPC 320-1

0
हमने आपको बताया था कि जानबूझकर कर किसी व्यक्ति को सामान्य सी चोट पहुंचाना भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323 का अपराध होता है एवं अचानक गुस्से में आकर किसी व्यक्ति को सामान्य चोट पहुंचाना भारतीय दंड संहिता की धारा 334 का अपराध होता है। 

आईपीसी की धारा 335 - जमानत एवं सजा का प्रावधान

अगर कोई व्यक्ति अचानक गुस्से में आकर किसी व्यक्ति को गंभीर चोट करता है तो वह व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता की धारा 335 का अपराध होगा। यह अपराध संज्ञेय एवं जमानतीय अपराध होती है। इनकी सुनवाई प्रथम वर्ग के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाती है। इस अपराध के लिए अधिकतम चार वर्ष का कारावास या दो हजार रुपये जुर्माना या दोनो से दण्डित किया जा सकता है।

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 336 का अपराध एक शमनीय अपराध है जानिए

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा(1) के अनुसार अचानक प्रकोप में आकर गंभीर चोट पहुंचाने का अपराध समझौता योग्य हैं, यह समझौता न्यायालय की बिना आज्ञा के उस व्यक्ति से किया जा सकता है जिसे गंभीर उपहति हुई है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665

इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
Facebook पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!