MP NEWS- हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप वाली सीडी पुलिस को नहीं दे रहे हैं कमलनाथ, कोर्ट में आपत्ति

भोपाल
। मध्य प्रदेश के सबसे हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में सीडी और पेन ड्राइव जो तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास थी, अब तक मामले की जांच करने वाली एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) को नहीं मिली है। न्यायालय में आरोपी पक्ष ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। 

मध्य प्रदेश हनी ट्रैप- महिलाओं ने ब्लैकमेलिंग में सरकारी लाभ लिए थे

याद तो होगा ही। मध्य प्रदेश के सबसे हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में एक लड़की और कुछ विवाहित स्त्रियों को सितंबर 2019 में इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। उस समय बताया गया था कि इन महिलाओं ने कई मंत्रियों और आईएएस ऑफिसर के साथ रिलेशन बनाए और उनके वीडियो बना लिए हैं। उन्हें ब्लैकमेल कर रही हैं। इसी ब्लैक मेलिंग के दौरान कुछ एनजीओ को बड़ी फंडिंग दी गई है। हनी ट्रैप का शिकार हुए मंत्री और अफसरों ने इन महिलाओं को कई प्रकार के सरकारी लाभ दिए। 

सीडी और पेन ड्राइव उनके पास- कमलनाथ ने खुद दावा किया था

आरोपियों के वकील यावर खान ने बताया कि 21 मई 2021 को पूर्व सीएम कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि हनीट्रैप मामले की सीडी और पेन ड्राइव उनके पास है। इसके बाद जांच अधिकारी ने कमलनाथ को नोटिस जारी कर 2 जून 2021 को उक्त सीडी और पेन ड्राइव उपलब्ध कराने को कहा था। नोटिस जारी होने पर कमलनाथ ने कहा कि, (हनी ट्रैप कांड की) यह पेन ड्राइव मेरे पास कहां है? यह तो आपमें (पत्रकारों) से बहुत लोगों के पास है। यह पेन ड्राइव तो प्रदेश में घूम रही है। 

SIT का कमलनाथ को नोटिस 

आपके द्वारा 21.05.2021 को ली गई ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है कि हनी ट्रैप की सीडी-पेन ड्राइव आपके पास है। इसका प्रसारण सोशल मीडिया पर भी किया गया है। इसे अखबारों में भी प्रकाशित किया गया है। थाना पलासिया, जिला इंदौर के अपराध क्रमांक 405/19, धारा 419, 420, 384, 506, 120 (बी), 34 भादंवि की धारा 467, 468, 471, 370(1) (3), 354 (सी), 389, 385 भा.दं.वि., 66(ई), 67, 67 (ए) आईटी एक्ट की जांच में उक्त सीडी/ पेनड्राइव महत्वपूर्ण साक्ष्य है। अपेक्षा है कि आप 2 जुलाई 2021 को दोपहर 12.30 बजे श्यामला हिल्स, भोपाल स्थित निवास पर उपस्थित रहकर सीडी व पेन ड्राइव देने का कष्ट करें। 

SIT इंस्पेक्टर चौरसिया का बयान

इस पर एसआईटी के इंस्पेक्टर शशिकांत चौरसिया ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को धारा 160 (दप्रस), 91 (दप्रस) के तहत सीडी हासिल करने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन वहां लीगल एडवाइजर शशांक शेखर ने यह कहकर लौटा दिया कि कमलनाथ बाहर हैं। उनकी ओर से मैसेज आया था, लेकिन वह क्या था, यह फिलहाल नहीं बता सकता। जिस शख्स के द्वारा ये मैसेज भेजा गया, उसके बयान दर्ज नहीं किए गए थे।

इस मामले की सुनवाई विद्वान न्यायाधीश अमृता सिंह ठाकुर के न्यायालय में चल रही है। अगली तारीख 14 जनवरी 2023 निर्धारित की गई है।