मध्यप्रदेश में एक्स्ट्रा इनकम की सरकारी योजना, बेड एंड ब्रेकफास्ट के लिए 2 लाख मिलेंगे - MP ROJGAR NEWS

भोपाल
। मध्यप्रदेश में अपने घर के एक्स्ट्रा रूम से एक्स्ट्रा इनकम कमाने के लिए सरकार ने फंडिंग प्लान तैयार किया है। ₹200000 का अनुदान मिलेगा। इससे अपने घर के एक कमरे का इंटीरियर और एक्सटीरियर ठीक करना है। फिर उसमें पर्यटक आकर रुकेंगे और आपको उसके लिए बिल्कुल वैसे ही पैसे मिलेंगे जैसे एक होटल के मालिक को मिलते हैं। भोपाल समाचार डॉट कॉम ने हाल ही में इस कांसेप्ट के पोटेंशियल (यहां पढ़ें) के बारे में बताया था। 

मेहमान भी सरकार भेजेगी, आपको सिर्फ वेलकम करना है 

इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि आपके एक्स्ट्रा रूम का रिनोवेशन कराने के लिए सरकार पैसा देगी। फिर मेहमान भी सरकार ही भेजेगी। आपको बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के एजेंट को कमीशन देने की जरूरत नहीं है। आपको तो सिर्फ MPT- मध्य प्रदेश टूरिज्म द्वारा भेजे गए पर्यटकों का वेलकम करना है और निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध करानी है। 

मध्य प्रदेश सरकार की नई योजना क्या है 

ग्रामीण पर्यटन अंतर्गत स्थापित होम स्टे को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित चारों योजनाओं (मध्यप्रदेश ग्राम स्टे योजना (पंजीयन तथा नियमन) योजना 2919/ मध्यप्रदेश फार्म स्टे योजना (पंजीयन तथा नियमन) योजना 2019 / मध्यप्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट स्थापना (पंजीयन तथा नियमन) योजना 2019 / मध्यप्रदेश होमस्टे स्थापना (पंजीयन तथा नियमन) योजना 2010 (संशोधित 2018) में से नियमानुसार संबंधित योजना में पंजीयन कराना होगा।

मध्य प्रदेश होम स्टे योजना का किस-किस को लाभ मिलेगा 

शुरुआत में 1000 घरों का चयन किया जाएगा। उनके घर में MPT द्वारा कुछ कमरों का सिलेक्शन किया जाएगा और उनके रिनोवेशन के लिए फंडिंग की जाएगी। पर्यटन विभाग ने इसके लिए 100 गांव की लिस्ट बनाई है। सभी गांव किसी ना किसी प्रसिद्ध पर्यटक स्थल के नजदीक है। सरकार की तरफ से इसके लिए 40% अनुदान दिया जाएगा जो अधिकतम ₹200000 तक होगा तथा विकसित करने के लिए अधिकतम 1 लाख 20 हजार रुपए दिया जाता है।

दुनिया भर में लोकप्रिय हो रहा है बेड एंड ब्रेकफास्ट 

यह कांसेप्ट पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है। पर्यटक इसे इसलिए पसंद कर रहे हैं क्योंकि इसमें होटल की तुलना में कम पैसा लगता है और सबसे बड़ी बात यह कि अपने घर से दूर किसी एक परिवार के साथ रहते हैं। महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस करती हैं। स्टूडेंट्स के पेरेंट्स निश्चिंत हो जाते हैं। यहां क्लिक करके इसके बारे में और अधिक पढ़ सकते हैं।