भोपाल, 2 मार्च 2026: मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की प्रक्रिया को लेकर विशेष शिक्षक अभ्यर्थियों ने लोक शिक्षण संचालनालय के नाम एक महत्वपूर्ण पत्र सौंपा है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय पुनर्वास रजिस्टर (CRR) का अनिवार्य सत्यापन किया जाए।
इस मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए, विभाग ने विशेष शिक्षकों के लिए 3200 पद स्वीकृत किए हैं।
इस भर्ती में स्पेशल डी.एड योग्यता रखने वाले छात्रों को 5% बोनस अंक दिए गए हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि विशेष शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) के अधीन वैध और अद्यतन CRR पंजीकरण होना एक अनिवार्य योग्यता है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें:
विशेष शिक्षक अभ्यर्थियों ने विभाग के समक्ष तीन मुख्य मांगें रखी हैं ताकि केवल पात्र उम्मीदवारों को ही नियुक्ति मिले:
- सभी चयनित अभ्यर्थियों से वैध सीआरआर प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से अपलोड करवाया जाए।
- इस प्रमाण-पत्र का तकनीकी और दस्तावेजी सत्यापन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो।
- जब तक सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण न हो जाए, तब तक अंतिम नियुक्ति आदेश जारी न किए जाएं।
MP Teacher Recruitment 2025: Special Educators Demand Valid CRR
अभ्यर्थियों का तर्क है कि यह कदम न केवल नियमों के दायरे में है, बल्कि विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों (Children with Special Needs) के भविष्य और उनके हितों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। बिना वैध पंजीकरण के किसी भी व्यक्ति को विशेष शिक्षक के रूप में नियुक्त करना नियमों के विरुद्ध होगा।
अब देखना यह है कि लोक शिक्षण संचालनालय इस गंभीर विषय पर क्या कदम उठाता है और चयन प्रक्रिया में कितनी पारदर्शिता बरती जाती है।

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