मध्यप्रदेश में सभी दुकानदारों से GST वसूली के लिए अभियान की तैयारी- MP NEWS

भोपाल
। मध्य प्रदेश की सरकार कड़की में चल रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खर्चे कम करने को तैयार नहीं है। 1 जुलाई से हालात और ज्यादा खराब हो जाएंगे क्योंकि GST राहत के नाम पर केंद्र सरकार से 10000 करोड़ रुपए मिलना बंद हो जाएंगे। जो पिछले 5 साल से लगातार मिल रहे थे। ऐसी स्थिति में सरकारी खजाना भरने के लिए हर दुकानदार से GST वसूली की संभावनाओं के लिए अभियान चलाया जाएगा। 

1 जुलाई से मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति गड़बड़ा जाएगी

उल्लेखनीय है कि 5 साल पहले भारत में जब जीएसटी लागू हुआ था। तब केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को 5 साल तक क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान किया था। इसके तहत मध्य प्रदेश को हर साल 10,000 करोड़ रुपए मिलते थे। 1 जुलाई 2022 से यह रकम मिलना बंद हो जाएगी। यानी कि मध्यप्रदेश के सरकारी खजाने में 10000 करोड़ रुपए की कमी हो जाएगी। जबकि पहले से ही ढाई लाख करोड़ रुपए का लोन और उसका ब्याज भारी पड़ रहा है। 

सरकार 10,000 करोड़ का इंतजाम कहां से करेगी

अच्छी सरकार वह होती है जो पैसा कमाए और जनता के हित में खर्च करें लेकिन मध्य प्रदेश सरकार पैसा कमाने के बजाय TAX बढ़ाने में विश्वास रखती है। हालात यह है कि मध्यप्रदेश में लगभग सभी प्रकार के TAX अपने हाई लेवल पर पहुंच गए हैं। इसलिए सरकार करदाताओं की संख्या बढ़ाने पर फोकस कर रही है। मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर आयुक्त लोकेश कुमार जाटव का कहना है कि एक तरफ हम करदाताओं की संख्या बढ़ाएंगे और दूसरी तरफ GST ऑडिट भी होगा। यानी GST के छात्रों की संख्या बढ़ जाएगी। 

मध्यप्रदेश में कौन सी दुकानों से GST वसूली की जाएगी 

राजस्व वसूली के लिए अब ब्यूटी सैलून, पार्लर, ब्रोकरेज सर्विसेज, कैटरिंग सर्विसेज, डीजे, बैंड, लाइट साउंड, इवेंट मैनेजमेंट, रेस्त्रां, टूर एंड ट्रेवल्स, आर्किटेक्ट, प्लंबर, हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी, बोरिंग, कॉस्मेटिक सर्जरी, पेस्ट कंट्रोल सर्विसेस, सिक्योरिटी सर्विसेज, मैन पॉवर सर्विसेज, फोटोग्राफी एंड वीडियोग्राफी, वैलनेस इंडस्ट्री जैसे कि योगा, जिमिंग, हेल्थ एप, जुंबा कंसल्टेंसी सर्विसेज, कोचिंग. मैरिज गार्डन आदि सेवाओं का जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा, ताकि इनसे सख्ती से टैक्स वसूल सकें। 

खुदरा वस्तुओं एवं खास तौर पर ऐसी वस्तुएं व सामग्री, जो लोकल मेड है और लोकल सप्लाय की है जैसे ईंट, रेती, दोने, पत्तल, डिस्पोजल आइटम्स के साथ गुटखा, लोकल सिगरेट सहित कई एरिया हैं, जहां विभाग राजस्व वृद्धि के प्रयास कर सकता है। 

स्टॉक ब्रोकर, इंश्योरेंस एजेंट, म्यूचुअल फंड ब्रोकर, आर्किटेक्ट, सिंगर, डांसर, ऑनलाइन गेमिंग, प्रोफेशनल टैक्स, इंटरनेट सॉफ्टवेयर, अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर।