BHOPAL NEWS- डॉक्टर मरावी के कैरेक्टर की जांच के लिए समिति गठित

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित हमीदिया अस्पताल की नर्सों ने अस्पताल के अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी पर चरित्र हीनता का आरोप लगाया है। मामला सुर्खियों में आ जाने के बाद कमिश्नर गुलशन बामरा ने डॉक्टर मरावी के चरित्र की जांच के लिए 5 सदस्यों की एक कमेटी गठित कर दी है। 

हमीदिया हॉस्पिटल के अधीक्षक के खिलाफ कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की जांच

कमिश्नर ने ने बुधवार को जीएमसी पहुंचकर डीन, अधीक्षक और सीनियर फैकल्टी के साथ बैठक की। संभागायुक्त ने अधीक्षक पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतिशोध) अधिनियम 2013 के तहत समिति बनाई है। डीन द्वारा गठित की गई समिति में जीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग की एचओडी डॉ.शिखा मेहरोत्रा को अध्यक्ष बनाया गया है। जीएमसी के फॉरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ.आशीष जैन, एनजीओ की प्रतिनिधि प्रार्थना मिश्रा, महिला बाल विकास विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर नकीजहां कुरैशी के अलावा भोपाल की डिप्टी कलेक्टर अंकिता त्रिपाठी को सदस्य बनाया गया है।

जांच समिति पीड़ित नर्सों के बयान दर्ज करेगी

संभागायुक्त के निर्देश पर बनाई गई कमेटी डॉ.दीपक मरावी पर आरोप लगाने वाली नर्सों के साइन के मुताबिक उनसे बातचीत कर बयान दर्ज करेगी। नर्सों के बयान में आरोप सही पाए जाने पर अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

मानवाधिकार आयोग ने कमिश्नर चिकित्सा शिक्षा से जवाब तलब किया

हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डाॅ. दीपक मरावी पर 50 से ज्यादा नर्सों द्वारा अश्लीलता का गंभीर आरोप लगाने के बाद मानव अधिकार आयोग ने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त से दस दिनों में जवाब मांगा है। नर्सों द्वारा की गई शिकायत के मुताबिक डाॅ. मरावी रात के वक्त शराब के नशे में हाॅफ पेंट पहनकर उनके चेंजिंग रूम में बिना दरवाजा खटखटाए घुस आते हैं और अश्लील हरकत करते हैं। पीड़ित नर्सों ने लिखित शिकायत चिकित्सा शिक्षा मंत्री, मप्र शासन से की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय मंत्री ने संभागायुक्त, भोपाल को जांच के आदेश दे दिये हैं। उन्हें दस दिन में जांच पूरी करने को कहा गया है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा, मप्र शासन से दस दिन में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।