भ्रष्टाचार या बेईमानी के अपराध में आरोप पत्र कैसे बनाए जाते हैं, जानिए- CrPC section 212

दण्ड प्रक्रिया संहिता कि धारा 211 यह बताती है कि किसी आपराधिक मामलों में एक आरोप पत्र को कैसे लिखा जाता है, लेकिन कुछ आपराधिक आरोप ऐसे भी होते हैं जिसमे व्यक्ति को पता ही नही होता कि अपराध कब हुआ है। जैसे कि कोई व्यक्ति पैसों लेता है एवं वह थोड़े-थोड़े करके ज्यादा पैसे लेकर वापस नहीं करता है तब आरोप पत्र में पैसे देने का समय, स्थान, क्या होगा आज के लेख में हम आपको बताते हैं।

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 212 कि परिभाषा:-

• अभिकथित अपराध के समय और स्थान के बारे में एवं व्यक्ति जिसके विरुद्ध या वस्तु के विषय में वह अपराध किया गया उस व्यक्ति या वस्तु के बारे मे विशिष्टयाँ जैसे आस-पास के समय आदि को लिखना होगा।

• अगर कोई अपराध आपराधिक न्यासभंग (विश्वासघात), चोरी, धोखाधड़ी, बेईमानी या चल संपत्ति से संबंधित है तब पीड़ित व्यक्ति को माह, दिन, या समय याद नहीं है तब आरोप पत्र में व्यक्ति संभावित समय लिख सकते हैं अर्थात कोई व्यक्ति किसी खाते से थोड़े-थोड़े पैसों का गबन करता है एवं वह एक दो माह तक इस तरह का अपराध करता है तब एक वर्ष के भीतर का कोई भी समय आरोप पत्र में लिख सकते हैं जैसे कि आरोपी ने जनवरी से लेकर अप्रैल लास्ट तक पैसों को खाते से निकला है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com


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