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बेल बांड रद्द हो जाने के बाद व्यक्ति को जमानत मिलेगी या जेल जाएगा - LEARN CrPC SECTION 124

हमने आपको पिछले लेख बताया था कि अगर कोई व्यक्ति जमानत बंधपत्र की शर्तों का पालन नहीं करता है तब उसके बंधपत्र को मजिस्ट्रेट द्वारा भंग कर दिया जाता है। कभी कभी वर्तमान मजिस्ट्रेट पूर्वर्ती मजिस्ट्रेट के द्वारा बनाये गए जमानतदार को अस्वीकार कर देते हैं। ऐसी स्थिति में क्या व वह व्यक्ति कारावास जाएगा या शेष अवधि के लिए दूसरा बंधपत्र देगा। पढ़िए:-

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 124 की परिभाषा:-

अगर किसी मजिस्ट्रेट को लगता है कि कोई व्यक्ति जमानत बंधपत्र देने के बाद भी परिशान्ति कायम नहीं रखता है या मजिस्ट्रेट कुछ परिसीमा बाद जमानतदार ऐसे जमानतदार को अस्वीकार कर दे जो स्वयं कदाचारी हैं। 

या जमानतदार दण्ड प्रक्रिया सहिता धारा 123 के के अंतर्गत अपनी जमानत वापस ले लेता है तब कार्यपालक मजिस्ट्रेट या अन्य मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट व्यक्ति से बची हुई शेष अवधि के लिए दोबारा जमानत बंधपत्र मांग सकता है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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