अंग स्पर्श करने या अश्लील फोटो-वीडियो दिखाने वाले को नजरअंदाज ना करें, इस धारा के तहत सबक सिखाएं - know your law

महिलाओं की लज्जा भंग करने की कोशिश हमेशा होती रहती है। कुछ लोग मौका पाकर महिलाओं के अंग स्पर्श करते हैं या अश्लील शब्द बोलते हैं तो कुछ उन्हे बहकाने के लिए अश्लील फोटो-वीडियो भी दिखाते हैं। ज्यादातर महिलाएं इस तरह की हरकतों को नजरअंदाज करतीं हैं। शायद वो इसे गंभीर अपराध नहीं मानतीं परंतु आईपीसी में इसे गंभीर अपराध माना गया है। सजा का प्रावधान भी किया गया है। 

सार्वजनिक स्थल पर महिला की लज्जा का अनादर करना

यदि स्त्री की लज्जा का अनादर करने का कृत्य किसी सार्वजनिक स्थल पर किया गया है, तब यह अपराध दण्ड संहिता की धारा 294 के अधीन लोक न्यूसेंस के अपराध के रूप में दंडनीय होगा। लेकिन स्त्री की लज्जा भांग करने के लिए व्यक्ति आपराधिक बल का प्रयोग सार्वजनिक स्थल पर करता है तब उसे दण्ड संहिता की धारा 354 (क, ख, ग, ङ आदि) से दण्डित किया जाएगा। 

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 महिलाओं को बलात्कार के प्रयास एवं बलात्कार के लिए आरोपी की दण्डित करती है। धारा 509 का अपराध तब होता है जो उपर्युक्त नियम की कोटि में नहीं आता हो अर्थात महिला की लज्जा को किसी सार्वजनिक स्थान में लज्जित नहीं किया गया हो स्वयं महिला को अश्लील चित्र, गुप्त अंग का प्रदर्शन, एकांत कमरे में या शादी पार्टी या अन्य समारोह में एकांत में महिलाएं से छेड़खानी या शरीर को स्पर्श करके स्त्री की लज्जा भांग करना आदि 509 का अपराध होगा।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 509 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के आशय से उसके सामने अंग विक्षेप, अश्लील भाव-भंगिमा या उसे सुनाकर अश्लील शब्द का उच्चारण, बंद लिफाफें में स्त्री को लज्जा भंग संबंधित शब्द या अश्लील शब्दों, वाक्यों को लिखकर भेजना या उसे अश्लील चित्र, चल-चित्र आदि दिखाता है तब ऐसा करनें वाला व्यक्ति धारा 509 के अंतर्गत दोषी होगा।

भारतीय दण्ड संहिता, 1860  की धारा 509 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

यह अपराध दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 320 (2) के अनुसार उस स्त्री से समझोता योग्य होते हैं जिसका अनादर किया गया है। यह अपराध संज्ञेय एवं जमानतीय अपराध होते हैं, इनकी सुनवाई किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा हो सकती है। सजा- इस धारा के अपराध के लिए तीन वर्ष की सदा कारावास और जुर्माने से दाण्डित किया जा सकता है।

नोट:- छत्तीसगढ़ राज्य संशोधन अधिनियम 2013 के अनुसार :-

1. धारा 509 (क)स्थापित की गई - रिश्तेदार द्वारा यौन उत्पीड़न करना। संज्ञेय एवं अजमानीय अपराध होता है। प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट सुनवाई करेगा एवं सजा:-कठोर कारावास जो एक वर्ष से कम नही होगा अधिकतम 5वर्ष हो सकता है ऒर जुर्माना भी।
2.धारा 509 (ख) इलेक्ट्रॉनिक साधनों द्वारा यौन उत्पीड़न करना, संज्ञेय एवं अजमानीय अपराध है इनकी सुनवाई भी प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा होती है। सजा- कम से कम कठोर कारावास 6 माह लेकिन अधिकतम कारावास 2 वर्ष तक होगी और जुर्माना सहित।

उधरणानुसार वाद:- रूपन देवल बजाज बनाम के. पी. एस. गिल-:  वाद में आरोपी के. पी. एस. गिल जो कि पंजाब राज्य के पुलिस महानिदेशक थे ने एक रात्रि भोज के दौरान भारतीय प्रशासनिक सेवा(IPS) महिला अधिकारी श्रीमती रूपन देवल बजाज के कमर के निचले हिस्से को थपथपा दिया। जिस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए महिला अधिकारी ने आरोपी के विरुद्ध धारा 354 एवं 509 के अधीन शिकायत दर्ज की, लेकिन न्यायालय ने आरोपी को उपर्युक्त कृत्य की धारा 509 के अधीन स्त्री लज्जा का अनादर मानते हुए उसे दोषसिद्ध किया। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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