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मध्यप्रदेश की जेलों में कैदी किस प्रकार की किताबें और अखबार पढ़ सकते हैं, जानिए MP Nirodh Adesh, 1971

मेणटेनेन्स ऑफ इंटरनल सिक्यूरिटी एक्ट 1971 की धारा 5 राज्य शासन अपनी शक्तियों के अनुसार मध्यप्रदेश निरोध आदेश, 1971 जारी करता है। आदेश क्रमांक 15 जेल में किसी अपराध की सजा काट रहे अपराधी को शासन के खर्च पर एक समाचार-पत्र पढ़ने का आदेश देता है। इसी आदेश क्रमांक 15 (MP Nirodh Adesh, 1971 pdf Download) में कुछ ऐसे नियम भी बताता है कि कोई भी कैदी स्वयं के खर्च पर किस तरह की पुस्तकें, पत्र-पत्रिका मंगवा सकता है जानिए।

मध्यप्रदेश निरोध आदेश, 1971 के आदेश क्रमांक 15 की परिभाषा:-

उपर्युक्त एक्ट की धारा 5 के अनुसार राज्य शासन आदेश,1971 के आदेश क्रमांक 15 मे जेल में बंद कैदियों के लिए निम्न आदेश जारी करता है:-
1. किसी भी बंदी व्यक्ति को पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तक, पत्र-पत्रिका पढ़ने की अनुमति होगी वह स्वंय के खर्च से भी पुस्तकें या समाचार पत्र, पत्रिकाए मंगवा सकता है।
2. अगर कोई बंदी व्यक्ति अंग्रेजी भाषा समझता है तब उसे अंग्रेजी भाषा की पुस्तकें, समाचार पत्र आदि उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
3. कोई भी व्यक्ति स्वयं की इच्छानुसार पुस्तक, समाचार पत्र, पत्रिकाओं को डाक द्वारा निम्न शर्तो के अधीन बुलवा सकता है:-
(क). डाक से प्राप्त कोई भी वस्तु जिसमें पुस्तक, समाचार पत्र पत्रिकाए हो पहले जेल अधीक्षक द्वारा या अधीक्षक द्वारा नियुक्त किसी प्रतिनिधि द्वारा खोली जाएगी।
(ख). जहाँ समाचार पत्र, पत्रिकाओं में बाहरी पृष्ठ या किसी भाग में कोई विज्ञापन होगा उसे निकाल दिया जायेगा या गुप्त कर दिया जायेगा। {अर्थात कैदियों को विज्ञापन पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती है।}
(ग). कोई ऐसा समाचार पत्र, पत्रिका, पुस्तक या कोई सामग्री जो लोकहित या सुरक्षा की दृष्टि से अनुपयुक्त हो ऐसी वस्तु, सामग्री को जेल अधीक्षक द्वारा लुप्त कर दिया जाएगा।

4. कोई भी सांम्यवादी पुस्तकें, समाचार पत्र, साहित्य पुस्तक बंदी व्यक्ति को नहीं दी जाएगी।
5. अगर किसी व्यक्ति को मित्र, रिश्तेदार द्वारा समाचार पत्र, पुस्तक, पत्रिकाओं को डाक से प्राप्त करने के लिए रकम प्राप्त होती है तब नियम 3, 4, की शर्तों के अनुसार अनुमति दी जाएगी। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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