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सैनिकों को भड़काकर विद्रोह करवाने वाले के खिलाफ किस धारा के तहत मामला दर्ज होगा - ASK IPC

अगर कोई व्यक्ति आर्मी, नेवी, एयर फोर्स के किसी भी सैनिकों को भड़काता है या उनको उनके उच्च अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करता है तो ऐसी गतिविधियों को अपराध माना जाता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 131 के तहत ऐसे अपराधियों को दंडित करने के लिए प्रकरण दर्ज किया जाता है, लेकिन यदि इस प्रकार की भड़काऊ गतिविधि के कारण सैनिक विद्रोह कर देते हैं तो सैनिकों को भड़काने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 131 नहीं बल्कि 132 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। आइए जानते हैं आईपीसी की धारा 132 में क्या लिखा है:-

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 132 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति तीनो सेनाओं के सैनिकों को भड़काता है या उकसाता है इसके परिणामस्वरूप सैनिक गलतफहमी में आकर विद्रोह करते हैं। तब यह धारा भड़काने या उकसाने वाले व्यक्ति पर लागू होती है।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 132 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है, यह संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते हैं। इनकी सुनवाई का अधिकार सत्र न्यायालय को होता है। सजा:- इस धारा के अपराध में मृत्यु दण्ड या आजीवन कारावास या दस वर्ष की कारावास एवं साथ में जुर्माने से भी दण्डित किया जा सकता है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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