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डकैती की संपत्ति का उपयोग करना कितना गंभीर अपराध है, यहां पढ़िए - ASK IPC

कुछ दिन पहले के लेख में हमने आपको भारतीय दण्ड संहिता की धारा-410 के बारे में जानकारी दी थी, जिसमें कहा गया था कि अगर कोई व्यक्ति चोरी की संपत्ति को अपने पास रखता है तो वह उपर्युक्त धारा के अंतर्गत दोषी होगा। आज की धारा के समानरूपी है, आज हम बताएगे की डकैती की संपत्ति को रखना कितना गंभीर अपराध है, और इसके लिए कितनी सजा का प्रावधान है जानिए।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा-412 की परिभाषा:-

कोई व्यक्ति जानते हुए की किसी डकैत द्वारा संपत्ति को लूटा गया है, और उसका उपयोग बेईमानी से करेगा या अपने कब्जे में रखेगा तब ऐसा करने वाला व्यक्ति धारा 412 के अंतर्गत दोषी होगा।

नोट:- इस धारा में डकैती करने वाला डाकू अपराधी नहीं होगा, उनके द्वारा लूटी संपत्ति को उपयोग करने वाला या रखने वाला व्यक्ति अपराधी होता है।

*भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 412 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-*

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है,यह संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते हैं। इनकी सुनवाई का अधिकार सेशन न्यायालय को होता है। सजा- आजीवन कारावास या 10 वर्ष की कठोरतम कारावास एवं जुगाड़ से दण्डित किया जा सकता है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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