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MP CORONA: आज फिर 24 मौतें, इंदौर, भोपाल सहित 35 जिलों में स्थिति चिंताजनक - UPDATE NEWS

भोपाल
। मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस कमजोर तो हो रहा है परंतु सभी जिलों में समान रूप से गिरावट दिखाई नहीं दे रही है। 17 जिलों में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन आज की सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 35 जिलों में हालात चिंताजनक है। पॉजिटिविटी रेट भले ही 5% से कम है परंतु 24 घंटे में 24 मौतें वायरस के खतरनाक और डॉक्टरों के कमजोर होने को साबित करता है। अस्पतालों में अभी भी 14000 से ज्यादा लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। जबकि भारत के कई अन्य राज्यों में पॉजिटिविटी रेट मध्य प्रदेश से काफी कम है।

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 15 OCTOBER 2020

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 15 अक्टूबर 2020 (शाम 6:00 बजे तक) के अनुसार पिछले 24 घंटे में:- 
27425 सैंपल की जांच की गई।
252 सैंपल रिजेक्ट हो गए।
26117 सैंपल नेगेटिव पाए गए।
1308 सैंपल पॉजिटिव पाए गए।
24 मरीजों की मौत हो गई।
1559 मरीज डिस्चार्ज किए गए।
मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की कुल संख्या 156584 
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 2710 
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से स्वस्थ हुए नागरिकों की संख्या 139717 
14 अक्टूबर 2020 को संक्रमित नागरिकों की संख्या 14157

CORONA (COVID-19) UPDATE NEWS TODAY 15 OCTOBER 2020 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए चल रहे सरकारी अभियान की समीक्षा की। 
फ्रांस में कोरोनावायरस कमजोर होने के बाद फिर से भड़क उठा है। सरकार को कर्फ्यू लगाना पड़ा। जिन नौ शहरों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे उनमें कर्फ्यू लगा दिया क्या है। 
ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण मनुष्य के कानों में सुनने की क्षमता कम हो जाती है। एक मरीज बहरा हो गया है। केस स्टडी की जा रही है। 
ऑक्‍सफर्ड-अस्‍त्राजेनेका की बनाई कोरोना वैक्‍सीन 'कोविशील्‍ड' उम्‍मीद से पहले उपलब्‍ध हो सकती है। उसके फेज-3 ट्रायल के नतीजे 'नवंबर अंत' तक आ सकते हैं। 
 भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 67,708 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 73.07 लाख हो गई, एक द‍िन में 680 लोगों की मौत। 
अमेरिका की एक स्टडी में पाया गया है कि मोबाइल फोन के कारण कई लोग संक्रमित हुए। विभिन्न माध्यमों से वायरस मोबाइल फोन की स्क्रीन पर आकर चिपक गया था। सलाह दी गई है कि यदि आप बाहर से वापस घर आते हैं तो मोबाइल फोन की स्क्रीन को सेनीटाइज जरूर करें।



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