Legal general knowledge and law study notes
भारत में अक्सर पशुपालक, अपने पालतू पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार पालतू जानवर, आम जन जीवन के लिए परेशानी बन जाते हैं। किसी मानव जीवन के लिए संकट उत्पन्न कर देते हैं। भारतीय दंड संहिता के अनुसार पालतू पशुओं को खुला छोड़ देना एक दंडनीय अपराध है। (विशेष नोट: भारतीय न्याय संहिता 2023 लागू हो गई है। इस आधार पर आर्टिकल को अपडेट कर दिया गया है।)
भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 289 की परिभाषा
जो कोई व्यक्ति आपके कब्जे में या देख रेख में रखे किसी जीवजंतु को इस प्रकार खुले में छोड़ देता है, जिससे मानव जीवन मे संकट उत्पन्न होने की संभावना हो, तब ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 289 के अंतर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज करके माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जहां न्यायालय द्वारा उसके लिए दंड निर्धारित किया जाएगा।
Indian Penal Code, 1860 section 289 Punishment
इस धारा के अपराध संज्ञेय एवं जमानतीय होते हैं। पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद, पुलिस थाने में ही जमानत की औपचारिकता पूरी हो सकती है। इनकी सुनवाई किसी भी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है। इस धारा के अपराध के लिए अधिकतम छ: माह की कारावास या एक हजार रुपये जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद)
लेटेस्ट अपडेट: भारतीय दंड संहिता से भारतीय न्याय संहिता
भारतीय दण्ड संहिता (IPC), 1860 की धारा 289, जो "किसी जीवजंतु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण" से संबंधित थी, अब भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 291 में स्थानांतरित कर दी गई है। परिभाषा और सजा में कोई अंतर नहीं किया गया है लेकिन जुर्माना की राशि में वृद्धि कर दी गई है। आईपीसी के तहत जुर्माना अधिकतम ₹1000 तक था जिसे भारतीय न्याय संहिता की तहत बढ़कर ₹5000 कर दिया गया है।
निष्कर्ष: भारतीय न्याय संहिता ने इस प्रावधान के मूल स्वरूप को बरकरार रखा है, लेकिन सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आर्थिक दंड (जुर्माने) को पांच गुना बढ़ा दिया है। लेखक: उपदेश अवस्थी (पत्रकार एवं विधि सलाहकार, भोपाल)।
यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com
.webp)