MPPSC: बिल्कुल नए तरह की आरक्षण गड़बड़ी, हाईकोर्ट ने पूरी भर्ती पिटीशन नंबर 50059 के अध्याधीन कर दी

जबलपुर, 8 जनवरी 2026
: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी की गलती और गड़बड़ी का भंडार। एक और बड़ी गड़बड़ी प्रकाश में आई है। एडिशनल डायरेक्टर टेक्नोलॉजी की चयन परीक्षा में कम नंबर वाले उम्मीदवार का चयन कर लिया और ज्यादा नंबर वाले उम्मीदवार को UR वेटिंग पर डाल दिया। जबकि दोनों उम्मीदवार आरक्षित श्रेणी के हैं।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग: सहायक संचालक (तकनीकी) भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्रालय के अधीन सहायक संचालकों (तकनीकी) पदों की भर्ती में अपनाई गई प्रक्रिया की संवैधानिकता को बालाघाट निवासी नितिन कुमार मेश्राम द्वारा आर.पी.एस. लॉ एसोसिएट के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका क्रमांक 50059/2025 दायर कर चुनौती दी गई है। याचिका की आज दिनांक 08/01/26 को जस्टिस विशाल धगट की खंडपीठ द्वारा सुनवाई की गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि लोक सेवा आयोग द्वारा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के तहत जारी विज्ञापन दिनांक 31.5.23 के तहत सहायक संचालकों की पदों की भर्ती प्रक्रिया में याचिकाकर्ता अनुसूचित जाति वर्ग के रूप में शामिल हुआ था। 

आयोग द्वारा दिनांक 06/12/25 को रिजल्ट जारी किया गया जिसमें याचिकाकर्ता का नाम तथा अंक घोषित नहीं किए गए। आयोग द्वारा दिनांक 16/12/25 को सिलेक्शन लिस्ट जारी की गई, जिसमें अनावेदक क्रमांक तीन अनुसूचित जाति वर्ग में लखन सिंह दौहरे का चयन सूची में नाम शामिल किया गया जिसके 53 अंक हैं जबकि याचिकाकर्ता को अनारक्षित वर्ग की प्रतीक्षा सूची में क्रमांक दो पर रखा गया है, जिससे स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता से कम अंक वाले को एस.सी. वर्ग में नियुक्ति दी गई है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 तथा 335 से असंगत है साथ ही आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 4(4) के विरुद्ध है। 

सरल शब्दों में समझते हैं 

  • अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ने भोपाल समाचार को बताया कि, उनके कैंडिडेट का रिजल्ट घोषित नहीं किया गया है। रिजल्ट HOLD कर दिया गया है लेकिन विवाद की इस स्थिति के नॉर्मलाइजेशन के लिए एक सीट को HOLD नहीं किया गया। 
  • UR का कट ऑफ 74 नंबर है। R कैटिगरी के कैंडिडेट को UR कैटेगरी की वेटिंग में नंबर दो पर डाला गया है। इसका मतलब हुआ कि उसके प्राप्तांक 70 नंबर से अधिक रहे होंगे। ऐसी स्थिति में उससे कम नंबर (53 नंबर) वाले कैंडिडेट का सिलेक्शन कैसे कर लिया गया। 
  • सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिजर्व कैटेगरी के कैंडिडेट को UR कैटेगरी में वेटिंग पर रखा ही नहीं जा सकता है। या तो वह अपनी मेरिट के आधार पर UR कैटेगरी की चयन सूची में शामिल होगा या फिर रिजर्वेशन का लाभ देते हुए उसकी रिजर्व कैटेगरी की चयन सूची में शामिल करना चाहिए। 

कोर्ट ने उक्त तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश शासन, लोक सेवा आयोग तथा चयनित अभ्यर्थी लखन सिंह दौहरे को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया तथा उक्त समस्त नियुक्तियाँ याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन कर दी गई हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, पुष्पेंद्र शाह तथा काजल विश्वकर्मा ने पैरवी की।
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