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लड़की, लड़के को ले जाए तो कुछ नहीं; लड़का, लड़की को भगाए तो किडनैपिंग, ऐसा क्यों / ASK IPC

भारत के कानून के अनुसार 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र का लड़का विवाह के योग्य नहीं माने जाते। यदि 21 साल की लड़की और 20 साल के लड़के को भगाकर ले जाए तो पुलिस दोनों को गुमशुदा इंसान मान कर मामला दर्ज करती है परंतु यदि 18 साल का लड़का 17 साल की लड़की को भगाकर ले जाए तो पुलिस अपहरण का मामला दर्ज करती है। सवाल यह है कि पुलिस इस तरह का पक्षपात क्यों करती है। आइए भारतीय दंड संहिता से पूछते हैं।

सबसे पहले यह जानिए की विधि पूर्ण संरक्षण क्या होता है

16 साल से कम उम्र के बालक एवं 18 साल से कम उम्र की लड़की के लिए सबसे पहले माता पिता, उसके बाद अगर बच्चा स्कूल में है तो वह भी विधिपूर्ण संरक्षण होगा, अनाथालय में भी, किसी रिश्तेदार के घर भी, गोद लिया हुआ बच्चा भी विधिपूर्ण संरक्षण में आता है आदि। 

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 361 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति 16 वर्ष से कम आयु के लड़के या 18 वर्ष से कम आयु की लड़की को या किसी विकृतचित व्यक्ति को उसके विधिक संरक्षण से बिना किसी की सहमति के ले जाता है तब यह बात किडनैपिंग का अपराध होगी। (यानी यदि 18 साल से अधिक उम्र की लड़की 16 साल से कम उम्र के लड़के को भगा ले जाती है तो उसके खिलाफ भी अपहरण का मामला दर्ज होगा।)
नोट:- विकृतचित व्यक्ति को उनकी सहमति से ले जाना भी धारा 361 का अपराध होगा।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 361 में दण्ड का प्रावधान:-

धारा 361 के अपराध के दण्ड का प्रावधान भारतीय दण्ड संहिता की धारा 363 में दिया गया है, यह अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है, यह संज्ञेय एवं जमानतीय अपराध है(उत्तर प्रदेश में अब यह अजमानतीय अपराध है उ. प्र. संशोधित अधिनियम 1984द्वारा)। इनकी सुनवाई का अधिकार प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट को हैं। (मध्यप्रदेश संशोधित अधिनियम 2007 के अनुसार इनकी सुनवाई का अधिकार सेशन न्यायालय स्थापित किया गया है)। सजा- इस अपराध के लिए 7 वर्ष की कारावास और जुर्माना से दण्डित किया जा सकता है।

उधरणानुसार वाद:- भगवान पाणिग्रही बनाम राज्य- उड़ीसा उच्च न्यायालय ने विनिशिचत किया कि यदि कोई नाबालिग लड़की परीक्षा देने या पढ़ाई करने के लिए किसी किराए के कमरे में रह रही है जहाँ उसका पिता उससे एक बार मिलने भी आया था, तो यह माना जाएगा कि  वह अपने विधिपूर्ण संरक्षण में रह रही है और उसका व्यपहरण(किडनैपिंग) करना धारा 361 का अपराध होगा।  बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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