भोपाल, 11 जुलाई 2026: केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजना और मिशन में स्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है और जब मिशन बंद हो जाते हैं तो मिशन के कर्मचारी भी बेरोजगार हो जाते हैं। एक बार फिर एक मिशन बंद होने वाला है लेकिन इस बार मध्य प्रदेश में मिशन के संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त नहीं की जाएगी बल्कि उनको दूसरे विभागों में समायोजित किया जाएगा।
Good News for Contract Employees: Madhya Pradesh to Adjust Staff from Closing Mission Schemes
मध्य प्रदेश में 'स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)' 8 महीने बाद 31 मार्च 2027 को समाप्त होने जा रहा है। यह मिशन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत चल रहा था। 31 मार्च 2027 को जब मिशन बंद होगा तो मिशन के सभी संविदा कर्मचारियों की सेवा अपने आप समाप्त हो जाएगी। शिवराज सिंह सरकार में ऐसा हो चुका है और योजना/मिशन बंद होने पर कर्मचारियों को वापस घर भेज दिया गया था लेकिन इस बार मध्य प्रदेश सरकार ने डिसाइड किया है कि, मिशन के संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त नहीं की जाएगी। अब समस्या यह है कि, इस मिशन के लिए संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति भी पंचायत विभाग द्वारा ही की गई थी। मध्यप्रदेश के पंचायत विभाग में संविदा कर्मचारियों के लिए इतने पद ही नहीं है कि सबको समायोजित किया जा सके। इसलिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर, मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में संविदा कर्मचारियों के लिए अधिक पदों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। ताकि मिशन के संविदा कर्मचारियों को समायोजित किया जा सके।
इन विभागों से मांगी गई खाली पदों की जानकारी
- मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और ग्रामीण आजीविका मिशन
- पंचायत राज संचालनालय और विकास आयुक्त कार्यालय
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण और विकसित भारत जीरामजी
- राजीव गांधी जलगहण मिशन, वाल्मी (WALMI) और SIRD जबलपुर
मिशन के इन कर्मचारियों का समायोजन होगा
राज्य स्तर पर: प्रोग्रामर, उपयंत्री, मानचित्रकार, लेखापाल, सहायक ग्रेड-1 व 3, डाटा एंट्री ऑपरेटर और भृत्य (चपरासी)।
जिला स्तर पर: जिला समन्वयक, परियोजना अधिकारी (तकनीकी), मानचित्रकार, लेखापाल और डाटा एंट्री ऑपरेटर।
जनपद स्तर पर: ब्लॉक समन्वयक (Block Coordinators)।

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