मंत्री के अतिथियों से विधायकों को खतरा, बंगला खाली करने के आदेश | MP NEWS
       
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मंत्री के अतिथियों से विधायकों को खतरा, बंगला खाली करने के आदेश | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित विधायक विश्राम गृह में रहने वाले विधायकों को मंत्री लखन घनघोरिया के यहां आने जाने वाले लोगों एवं विधायक विश्रामगृह के पास झुग्गियों में रहने वाले गरीबों से खतरा है। विधायकों की सुरक्षा के लिए विधानसभा सचिवालय ने 400 झुग्गियों में से सभी गरीब परिवारों और सरकारी बंगले में से मंत्री को हटाने के आदेश जारी किए हैं। 

भोपाल में विधायकों की सुरक्षा के लिए गरीबों की 400 झुग्गियां और बंगले से मंत्री को हटाया जाए

विधानसभा के करीब बने एमएलए रेस्ट हाउस में विधायकों के कमरे आरक्षित किए गये हैं लेकिन इसी परिसर में बड़े क्षेत्रफल में बनी विंध्य कोठी में प्रदेश के सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया रह रहे हैं। विधानसभा सचिवालय का कहना है कि ये संपत्ति विधानसभा की है और मंत्री के रहने से यहां आम लोगों की आवाजाही के कारण सुरक्षा व्यवस्था चौकस नहीं रह पाती है। सचिवालय के मुताबिक, सरकार को चाहिए कि लखन घनघोरिया से मकान खाली कराकर विधानसभा को दिया जाये ताकि वीआईपी वाले इस क्षेत्र में आम लोगों की आवाजाही को रोका जा सके। साथ ही सचिवालय ने एमएलए रेस्ट हाउस परिसर में बनी चार सौ झुग्गियों को भी जल्द हटाने को कहा है ताकि सुरक्षा को बेहतर किया जा सके।

विधानसभा सचिवालय ने सरकार को पत्र लिखा

विधानसभा से करीब बने एमएलए रेस्ट हाउस में अभी दो प्रवेश मार्ग हैं, जहां पर पुलिस गार्ड सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं लेकिन परिसर में बनी विंध्य कोठी अब तक किसी मंत्री को ही आवंटित की जाती रही है। साथ ही रेस्ट हाउस से सटी जमीन पर ही झुग्गियां बनी हुई हैं, जहां आने जाने के लिए लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल करते है। अब इसी व्यवस्था को बदलने के लिए विधानसभा सचिवालय ने सरकार को पत्र लिखा है।

एमएलए रेस्ट हाउस में चोरियां होती हैं, इसलिए जोगियों से गरीब और बंगले से मंत्री को हटा रहे हैं

विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि ये एक प्रक्रिया का हिस्सा है। एमएलए रेस्ट हाउस में अक्सर चोरियों की शिकायत विधायकों की ओर से मिलती है, इसी कारण से सुरक्षा की दृ्ष्टि से शासन और प्रशासन को पत्र लिख कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। साथ ही एक सरकारी आवास है जो कि मंत्री लखन घनघोरिया को आवंटित है, उसे भी विधानसभा सचिवालय को सौंपने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इस संबंध में स्पीकर एनपी प्रजापति अगले महीने एक उच्चस्तरीय बैठक भी करेंगे।