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मध्यप्रदेश हनी ट्रैप: SIT की चार्जशीट में कई हाईप्रोफाइल नाम दर्ज, लेकिन जांच किसी की नहीं | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश के सबसे हाई प्रोफाइल हनीट्रैप केस में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने चार्जशीट फाइल कर दी है। एसआईटी की चार्जशीट में कई हाईप्रोफाइल नाम तो है लेकिन कुछ इस तरह से दर्ज किए गए हैं कि हनी ट्रैप केस में गिरफ्तार की गई लड़कियों को सजा भी हो जाए और हनी ट्रैप का शिकार होकर अपने पद का दुरुपयोग करने वाले अफसरों को दंड भी ना मिले। चार्ट शीट में जितने भी नाम दर्ज किए गए हैं उनमें से किसी एक से भी ना तो पूछताछ की गई और ना ही उसके खिलाफ कोई आरोप सुनिश्चित किया गया। 

पूजा सुसाइड केस सुलझाया नहीं सिर्फ जिक्र किया

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने कोर्ट में मानव तस्करी से जुड़े मामले में चार्जशीट पेश की। चार्जशीट में पुलिस ने लिखा है कि श्वेता विजय जैन से जुड़ी हुई एक महिला जिसका नाम पूजा है, ने सुसाइड कर लिया। बताया जाता है कि पूजा नाम की इस महिला की एक पुरुष से संबंध थे। एसआईटी ने पूजा की आत्महत्या का उल्लेख किया परंतु पूजा के सुसाइड केस को फिर से ओपन नहीं किया। एक पुलिस की डायरी में पूजा की आत्महत्या का कारण कुछ और दर्ज है और फाइल क्लोज हो चुकी है। दूसरी तरफ SIT की चार्जशीट में पूजा की आत्महत्या का कारण कुछ और है, लेकिन फाइल ओपन नहीं की गई है। पूजा के माध्यम से श्वेता ने किन-किन लोगों को जाल में फंसाया, इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है।

आरती दयाल के यहां से मिले चेक और दस्तावेजों का उल्लेख नहीं

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की चार्ट शीट में आरती दयाल के घर से मिले दस्तावेज एवं ₹100000000 के चेक के बारे में कोई जिक्र नहीं है। 4 सीट में यह तो लिखा है कि इन लड़कियों ने एक आईएएस अफसर को ब्लैकमेल करके 10000000 रुपए प्राप्त किए थे परंतु उस आईएएस अफसर का नाम नहीं लिखा। 

छतरपुर के टीआई से बयान तक नहीं लिए

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच के बाद चार्जशीट में लिखा गया कि छतरपुर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनोज त्रिवेदी के दो सहयोगियों को ब्लैकमेल करने के मामले में छतरपुर टीआई का नाम सामने आया है परंतु एसआईटी ने पुलिस अधिकारी को बुलाकर उसके बयान तक नहीं लिए। यहां तक कि उसे एक नोटिस भी जारी नहीं किया गया। एसआईटी ने एक कहानी पेश कर दी, उसे सही साबित करने के लिए प्रमाण नहीं जुटाए। यह भी नहीं बताया कि टीआई हनी ट्रैप गैंग की मदद कर रहा था या नहीं। और जब उसे पता चल गया था कि इस तरह का एक गिरोह मध्य प्रदेश में सक्रिय है तो फिर उसने एक पुलिस अधिकारी होने के नाते ऐसे अपराधियों को रोकने का क्या प्रयास किया।

आरती दयाल के घर से मिले 10 करोड़ से ज्यादा के तीन चैक

चार्जशीट में पुलिस ने बरामदगी के जो दस्तावेज पेश किए हैं, उसमें लिखा है कि आरती दयाल के घर से 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के तीन चैक मिले हैं। 7 फरवरी 2019 का आईसीआईसीआई बैंक का दस करोड़ का 10 अप्रैल 2018 का विजया बैंक का और 2.91 लाख और 90 हजार 349 रुपए का एक अन्य चैक भी मिला है। पुलिस ने इसके बारे में कोई खुलासा नहीं किया है।

दो मंत्रियों के सहायकों ने मोनिका का रेप किया, जांच में सामने आया लेकिन मामला दर्ज नहीं

खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निज सचिव हरीश खरे और खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल के विशेष सहायक अरुण निगम के वीडियो बनने का खुलासा हुआ है। मोनिका ने बयान में बताया है कि दोनों ने उससे जबरदस्ती की कोशिश की लेकिन, जांच एजेंसी ने दोनों पर कोई एफआईआर नहीं की। दोनों अफसर भाजपा सरकार के समय भी मंत्रियों की निजी स्थापना में पदस्थ रह चुके हैं। सीएमओ की नाराजगी के बाद खरे को पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के स्टाफ से हटाया गया था, जबकि निगम की कार्यशैली तत्कालीन मंत्री रंजना बघेल के विशेष सहायक रहते काफी विवादों में रही है।

दो पत्रकार और श्वेता स्वप्निल जैन की कहानी गोलमोल कर दी

जिन अफसरों और प्रभावशाली लोगों के ऑडियो-वीडियो सामने आए, उनके नाम भी चार्जशीट में नहीं हैं। इसके उलट चार्जशीट में जिन पत्रकारों के नामों का उल्लेख किया गया है, उनके न तो बयान लिए गए, न ही उन्हें कोई नोटिस जारी किया गया। चार्जशीट में यह तो लिखा गया कि श्वेता स्वप्निल जैन के अफसरों व प्रभावशाली लोगों से अच्छे संबंध थे, लेकिन उसकी भूमिका को चार्जशीट में खानापूर्ति की तरह दिखाया गया।

पिंक डायरी के रहस्य अब भी एसआईटी के पास

चार्जशीट में बताया गया है कि आरती दयाल के घर से पांच डायरियां बरामद की गईं। जिनमें आरती ने अपनी हस्तलिपि से जमीनों के महंगे सौदों, रुपयों के लेनदेन का हिसाब कोड वर्ड्स में तथा अफसरों स्थानांतरण के कच्चे प्रस्ताव लिख रखे थे। एक गुलाबी रंग की डायरी में अंतरंग वीडियो के आधार पर वसूली बड़ी धनराशियों का जिक्र है। जिनसे रुपए लिए गए हैं, उनके नाम कोड वर्ड में इसी डायरी के पहले पन्ने पर लिखे हैं। अफसरों ट्रांसफर और रिश्वत का उल्लेख भी है। ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए राजेश गंगेले, आरती और मोनिका के बीच लेनदेन के विवाद का राजीनामा एग्रीमेंट भी बरामद किया गया है।