भोपाल समाचार, 16 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के अशोकनगर कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने एक प्राथमिक शिक्षक को नोटिस जारी किया और पूरे प्रदेश में इसको लेकर माहौल बनाया जा रहा है। श्री आदित्य सिंह ने प्राथमिक शिक्षक को ड्रेस कोड के लिए नोटिस जारी किया है। कुछ शिक्षकों का कहना है कि जब मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू नहीं है, तो फिर कलेक्टर ने नोटिस कैसे जारी कर दिया। चलिए इस मामले का पोस्टमार्टम करते हैं।
सबसे पहले कलेक्टर का नोटिस पढ़िए फिर इस मुद्दे पर बात करेंगे
अशोकनगर के कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने श्री सीताराम चौबे, प्राथमिक शिक्षक, शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय झीला, तहसील- शाढौरा को कारण बताओं नोटिस देते हुए लिखा है कि, अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा दिनांक 14.01.2026 को शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय झीला का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण दौरान आप उचित ड्रेस कोड में नहीं पाये गए। जो अत्यंत खेदजनक है।
उपरोक्त से यह स्पष्ट होता है कि, आपके द्वारा अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन ठीक प्रकार से नहीं किया जाकर उदासीनता एवं लापरवाही बरती जा रही है।
आपका उक्त कृत्य शासकीय सेवा के प्रति स्वेच्छाचारिता एवं गंभीर लापरवाहीपूर्ण होकर शासन एवं वरिष्ठ के आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन है, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 (I,II,III) के अंतर्गत कदाचरण एवं उल्लंघन की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय है।
अतः क्यों न आपके विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये? इस संबंध में आप अपना जबाब दिनांक 15/01/2026 को सांय 06:00 बजे अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। जबाव समय-सीमा में प्रस्तुत न करने की दशा में आपके विरुद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जायेगी।
मध्य प्रदेश में ड्रेस कोड लागू नहीं फिर शिक्षक को नोटिस जारी क्यों किया
अशोकनगर कलेक्टर का यह नोटिस शिक्षक समुदाय के कई व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हो रहा है। कुछ शिक्षक नेताओं का कहना है कि जब मध्य प्रदेश में ड्रेस कोड लागू नहीं है तो फिर शिक्षक को ड्रेस कोड के लिए नोटिस जारी क्यों किया गया।
यहां ध्यान देना जरूरी होगा कि, कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने ड्रेस कोड के लिए नोटिस दिया है, यूनिफॉर्म के लिए नहीं। मध्य प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू है। कई बार सूचित किया जा चुका है कि सरकारी कर्मचारी कैजुअल पेंट शर्ट में ही उपस्थित रहेंगे। वह अपनी मर्जी के हिसाब से फैशन नहीं कर सकते हैं। यदि कोई कर्मचारी बेहूदा कपड़े पहनकर ऑफिस आता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। जिन शिक्षकों को ड्रेस और यूनिफार्म के बीच में अंतर नहीं पता, उनकी योग्यता का परीक्षण किया जाना चाहिए।
