भोपाल समाचार, 16 जनवरी 2026: कल इंदौर में राहुल गांधी आने वाले हैं लेकिन आज पूरे मध्य प्रदेश के पॉलिटिकल पेज पर भाजपा की सेवानिवृत्ति महिला नेता श्रीमती सुमित्रा महाजन सुर्खियों में है। टीवी पर डिस्कशन पैनल बैठे हुए हैं और सब अपने हिसाब से सुमित्रा महाजन और जीतू पटवारी की मुलाकात के मायने बता रहे हैं, लेकिन अब तक एक मैसेज जो किसी ने नहीं बताया है, सोचा मैं बता देता हूं:-
राहुल गांधी की विजिट से पहले ताई की पटवारी से मुलाकात - जरा सोचिए
राहुल गांधी कांग्रेस के सबसे बड़े नेता है। 17 जनवरी को इंदौर आ रहे हैं। बताने की जरूरत नहीं की 16 जनवरी को कांग्रेस पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष कितना व्यस्त होगा। 1 मिनट का भी समय नहीं निकल सकता है। फिर सोचने वाली बातें की क्यों जीतू पटवारी इतनी व्यस्तताओं को छोड़कर सुमित्रा ताई से मिलने गए। और ध्यान से देखिए, अकेले नहीं गए। उनके साथ कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष सोशल मीडिया पर चिंटू चौकसे भी थे। यानी कि वह दोनों थे जिनका आज पानी पीने की फुर्सत नहीं है। जरा सोचिए, क्या मुलाकात का एजेंडा वही होगा जो बताया गया है?
VIDEO - सबसे पहले सुमित्रा महाजन का बयान सुनिए
सिर्फ इंदौर के लिए विचार विमर्श करना था तो पत्रकारों को क्यों बुलाया?
यह एक ऐसा सवाल है जो सुमित्रा महाजन की गुड़ी-गुड़ी पॉलिटिक्स की पोल खोलता है। यदि दोनों नेताओं की मुलाकात का एजेंडा सिर्फ इंदौर की समस्याओं के समाधान के लिए विचार विमर्श करना था तो फिर इतने सारे पत्रकारों को क्यों बुलाया। यह वीडियो देखिए आपको कुछ और भी समझ में आएगा:-
इस वीडियो को देखकर आपको समझ में आ गया होगा कि, इस मुलाकात के लिए कौन कितना उत्साहित है। जीतू पटवारी कुछ और सोच कर गए थे, ताई ने छोटे भाई का फायदा उठा लिया।
ताई की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के मायने और मैसेज
राहुल गांधी की इंदौर विजिट के एक दिन पहले कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सुमित्रा ताई की मुलाकात का क्या मैसेज जाएगा, इस बात पर दोनों नेताओं ने विचार कर लिया होगा। इसके बाद भी दोनों नेताओं ने मुलाकात की, क्योंकि इसके कारण दोनों को फायदा होने वाला है। भाजपा की सबसे वरिष्ठ नेता सुमित्रा ताई ने जीतू पटवारी की तारीफ की, यह बयान राहुल गांधी की नजरों में जीतू पटवारी के नंबर बढ़ाता है। पार्टी का आदेश नहीं था लेकिन प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष दोनों एक साथ पहुंचे। मुलाकात से यह भी स्पष्ट होता है कि कोई खिचड़ी है जो पकाई जा रही है। जीतू पटवारी बड़ा धमाका करने के मूड में थे लेकिन हो नहीं पाया। फिर भी फायदे में है क्योंकि ताई ने तारीफ की है।
जहां तक अपन ताई की राजनीति को समझते हैं, वह कोई भी बात सीधे नहीं कहती। उनके जमाने में छुपे हुए मैसेज दिए जाते थे। इस मुलाकात में भी एक छुपा हुआ मैसेज है। पार्टी ने ताई को रिटायर कर दिया कोई बात नहीं लेकिन उन्होंने पार्टी के काम के लिए अपने बेटे के भविष्य पर ध्यान नहीं दिया। अब पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह मंदार महाजन के भविष्य को सुरक्षित करें। यदि पार्टी ऐसा नहीं करेगी तो 2028 और 2029 तक सुमित्रा ताई के पास कई मौके हैं। खिचड़ी अभी पकी नहीं है लेकिन अंगीठी सुलग रही है, और यह बीरबल की नहीं ताई की खिचड़ी है, कभी भी पक सकती है। ✒ उपदेश अवस्थी।
