MP प्रमोशन में आरक्षण: रिजर्व कैटिगरी के अधिकारी ने भी पदोन्नति नियम 2025 की संवैधानिकता को चुनौती दी

जबलपुर, 12 जनवरी 2026
: Madhya Pradesh Public Service Promotion Rules 2025 की संवैधानिकता को लेकर सामान्य वर्ग की ओर से हाई कोर्ट में चैलेंज किया गया था लेकिन अब आरक्षित वर्ग की एक अधिकारी ने भी मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाए गए पदोन्नति नियम 2025 को असंवैधानिक बताते हुए हाई कोर्ट में चैलेंज किया है। 

नए नियम से आरक्षित वर्ग को क्या प्रॉब्लम है

अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में promotion rules 2025 के rule 11 और 12 को challenge किया गया है। ये rules unreserved category में merit के आधार पर promotion को restrict करते हैं, जबकि reserved category को प्रमोशन का लाभ मिलना चाहिए। आरक्षित वर्ग के अधिकारी सुरेश कुमार कुमरे ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा SLP (C) 30621/2011 में दिए गए 17 मई 2018 के फैसले का हवाला दिया, जिसमें reserved से reserved, unreserved से unreserved और merit based promotion की अनुमति दी गई थी। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इन निर्देशों को ignore करते हुए नए rules बनाए, जो आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों के अधिकारों को प्रभावित कर रहे हैं।

यह मुद्दा इतनी देरी से क्यों उठाया गया

सुरेश कुमार कुमरे ने पहले सुप्रीम कोर्ट में petition no. 1053/2025 दाखिल की थी, जिसे 10 नवंबर 2025 को dispose करते हुए pending cases में action लेने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उन्होंने 27 नवंबर 2025 को सरकार को representation दिया, लेकिन कोई response नहीं मिला। व्यथित होकर उन्होंने RPS Law Associates के माध्यम से 12 जनवरी 2026 को petition no. 1326/26 दाखिल की, और हाईकोर्ट ने इसे 13 जनवरी को सुनवाई के लिए list कर दिया।

फ्लैशबैक
यह मामला पुराने disputes से जुड़ा है। 2016 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने petition no. 1942/2011 में 30 अप्रैल 2016 को order पास किया था, जिसके खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP (C) 13945/2016 दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने 12 मई 2016 को high court के order पर stay दिया और इसे जनरल सिंह case से club कर दिया। लेकिन सरकार ने पूरे प्रदेश में promotion पर stay होने का प्रचार किया, जबकि stay सिर्फ 2002 rules के तहत की गई promotions पर interference पर था, न कि सभी promotions पर। इससे employees में confusion और frustration बढ़ी।

अब आरक्षित और अनारक्षित दोनों वर्ग नियम के खिलाफ

2021 में सरकार ने promotion rules बनाए लेकिन implement नहीं किए। employees और organizations के pressure के बाद 2025 में rules publish किए गए। अब unreserved category के कई employees और officers ने high court में petitions दाखिल करके इन्हें challenge किया है, और इनकी सुनवाई भी 13 जनवरी को होगी, जहां अजाक्स संघ की ओर से arguments होंगे। यह मामला reserved और unreserved categories के बीच balance को प्रभावित कर रहा है।

X पर लोगों की प्रतिक्रियाएं 
@ahirwal_raj ने promotion rules 2025 में चतुर्थ श्रेणी employees के लिए CR की अनिवार्यता हटाने और seniority-merit based promotion की मांग की है। उन्होंने CM डॉ. मोहन यादव और अन्य leaders को tag करते हुए कई posts किए, जो employees की व्यथा को दर्शाते हैं। इसी तरह, एक अन्य post में उन्होंने इसी demand को दोहराया, जो rules में changes की जरूरत पर प्रकाश डालता है।
रिपोर्ट: भोपाल समाचार सेवा सेंटर।
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