नई दिल्ली 19/01/26: मध्य प्रदेश की सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण HOLD हो गए 13% ओबीसी उम्मीदवारों को सुप्रीम कोर्ट से आज बड़ी राहत मिली है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता
अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर ने बताया कि, मध्य प्रदेश की विभिन्न पदों पर होल्ड ओ.बी.सी. अभ्यर्थियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका क्रमांक 23/26 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ओ.बी.सी. के होल्ड 13% अभ्यर्थियों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का महत्व
यह स्वतंत्रता इसलिए महत्वपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिनांक 19/3/25 को TRANSFER PETITION(S)(CIVIL) NO(S). 398/2025 में अंतरिम आदेश पारित करके कहा था कि ओ.बी.सी. आरक्षण के प्रकरणों में सुनवाई न की जाए, जब तक कि उक्त याचिका पेंडिंग है।
इसलिए ओ.बी.सी. के लगभग 20 अभ्यर्थियों द्वारा याचिका क्रमांक 23/26 दाखिल की गई थी। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई JUSTICE M.M. SUNDRESH और HON'BLE MR. JUSTICE NONGMEIKAPAM KOTISWAR SINGH की खंडपीठ द्वारा की गई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी आर.पी.एस. लॉ एसोसिएट्स के अधिवक्ता वरुण ठाकुर ने की।
इस समाचार के मुख्य बिंदु
• ओ.बी.सी. के होल्ड अभ्यर्थियों के प्रकरणों का निराकरण करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में याचिकाएँ दाखिल करने की स्वतंत्रता दी है।
• जिस याचिका के अंतरिम निर्णय के अधीन शिक्षकों के पद होल्ड किए थे, उन अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी गई है।
• सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश दिनांक 21/3/25 के अनुपालन में ओ.बी.सी. आरक्षण के प्रकरणों की सुनवाई से इनकार कर दिया था।
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