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आजाद अध्यापक शिक्षक संघ 7वें वेतनमान के लिए मंत्री से मिले | MP NEWS

मंडला। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मण्डला के जिलाध्यक्ष संतोष सोनी ने बताया कि रविवार को हजारों की संख्या में मंडला के शिक्षकों ने आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री माननीय ओमकार सिंह मरकाम जी से उनके गृह निवास डिण्डौरी में जाकर सौजन्य भेंट की संगठन ने विभागीय मंत्री जी को अवगत कराया कि प्रदेश के अध्यापक संवर्ग को 01 जुलाई 2018 से राज्य शिक्षा सेवा और आदिमजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत नियुक्त करते हुए राज्य शासन का कर्मचारी बनाते हुए राज्य शासन के कर्मचारियों को देय वेतन भत्ते और अन्य समस्त सुविधाओ का लाभ प्रदान किया है जिसके आदेश जारी किये जा चुके हैं लेकिन आज दिनांक तक नवीन संवर्ग में नियुक्त शिक्षको को इसका प्रत्यक्ष लाभ नहीं दिया जा रहा है। 

नवीन शिक्षक संवर्ग में ifmis पोर्टल से वेतन आहरित किया जा रहा है लेकिन पोर्टल में सातवे वेतनमान के  वेतन फिक्सेशन विकल्प को ओपन नहीं किया जा रहा है जिसके कारण आदेश के सोलह माह बाद आज भी 6वे वेतनमान के अनुसार ही वेतन भुगतान किया जा रहा है, ज्ञात हो 4-7 हजार रुपये का मासिक भुगतान प्रतिमाह कम किया जा रहा है जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है. जिले में कुछ कर्मचारियों को 4 माह से  वेतन अप्राप्त है। पारिवारिक सामाजिक और मूलभूत आवश्यकताओ की पूर्ति कर पाने में असहाय हो चुके अध्यापक शिक्षक संवर्ग के कर्मचारियों में गहरा असंतोष पनप रहा है। 

इसके अतिरिक्क्त जबलपुर संभाग आदिमजाति कल्याण विभाग ने आज दिनांक तक स्थानान्तरण की सूची जारी नहीं की है जिससे सैकड़ों किलोमीटर दूर कार्यरत शिक्षको के घर वापसी का सपना आज भी सपना ही है, जबकि प्रदेश भर में स्थानान्तरण हो चुके हैं, शिक्षा विभाग से आये शिक्षको को प्रतिनियुक्ति पर स्थान्तरित किया गया है अतः प्रतिनियुक्ति   से आए शिक्षकों को आदिम जाति कल्याण विभाग में मर्ज किया जाए जिससे शिक्षक बिना तनाव अवसाद के कार्य कर सकें.  ट्रायबल से ट्रायबल ट्रान्सफ़र के प्रकरण में ifmis पोर्टल में पद न होने के कारण उनकी पदस्थापना अनुसार वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है अतः पोर्टल में पद अनुसार उन्हें मर्ज किये जाये ताकि मासिक भुगतान हो सके। वरिष्ठता सूची अप्रैल 2019 की स्थिति में जारी की जाये, प्राथमिक शिक्षको की वरिष्ठता सूची सहायक आयुक्त, माध्यमिक शिक्षको की सूची उपायुक्त जबलपुर, उच्चतर माध्यमिक शिक्षको की वरिष्ठता सूची आयुक्त भोपाल आदिम जाति कल्याण विभाग से जारी होना है लेकिन आज दिनांक तक जारी नहीं की जा रही है, शालाओ में पर्याप्त संख्या में शिक्षको की आपूर्ति की जाये ताकि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण हो सके बच्चों का भविष्य उज्जवल हो। 

उच्चतर माध्यमिक शिक्षको को प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति का लाभ दिया जाये ज्ञात हो 21-22 वर्ष की सेवा हो जाने के बाद भी आज तक पदोन्नति का लाभ नहीं दिया गया है. नयी पेंशन व्यवस्था से कर्मचारियों का भविष्य शेयर मार्केट के उतार चढाव के बीच असुरक्षित है  अतः प्रभाव से पुरानी पेंशन लागु की जाये . मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों पर अनावश्यक कार्यवाही ना की जाए । एनपीएस की मिसिंग राशि शिक्षकों के खाते में डाली जाए आदि विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया गया।

शिक्षक ने मंत्री से रखी अनोखी मांग 

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शिक्षक अशोक वाजपेयी ने मंत्री से अनोखी मान्ग कर डाली जिससे मंत्री भी स्तब्ध हो गए, शिक्षक ने कहा कि उन्हें दूसरी शादी करने की अनुमति दी जाये. उन्होने आगे अवगत कराते हुए कहा कि उनकी पत्नी 250 km दूर शहडोल में पदस्थ हैं, जिसके कारण उनके वृद्ध माता पिता की देखभाल भी नहीं कर सकती हैं, पति पत्नी समायोजन के नियम के अनुसार उनके स्थान्तरण की मान्ग अनेक बार करने आवेदन निवेदन के बाद भी उनका स्थानान्तरण नहीं हो रहा है इसलिए उन्हें दूसरी शादी की ही अनुमति दे दी जाये. जिस पर विभागीय मंत्री ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया कि वे हर सम्भव प्रयास करेंगे.

विभागीय मंत्री ने आश्वस्त किया अतिशीघ्र निराकरण करायेंगे

मंत्री माननीय ओमकार मरकाम आदिम जाति कल्याण विभाग ने आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मण्डला के हजारों अध्यापक शिक्षको का स्वागत करते हुए सभी को स्वल्पाहार उपलब्ध कराया इसके पश्चात चर्चा में शामिल सभी बिन्दुओं को गम्भीरता से लेकर अतिशीघ्र निराकरण कराने का आश्वासन दिया है 

शिक्षक जाएंगे भोपाल, अधिकारियो से करेंगे चर्चा

विभागीय मंत्री ने शिक्षको को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरी उपस्थिति में आपके जिलाध्यक्ष संतोष सोनी  एवं प्रतिनिधि मंडल भोपाल आकर अधिकारियो से सभी बिन्दुओं पर चर्चा करें,वे हर सम्भव मदद करेंगे. विभाग की सभी समस्याओं का निराकरण किया जायेगा अधिकारियो को निर्देशित करेंगे. 
इस पर जिला अध्यक्ष संतोष सोनी ने कहा कि समस्या का निदान नहीं होता है तो हमें मजबूर होकर पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा । विभागीय मंत्री  ने आश्वस्त किया है कि यह मुद्दा हम तत्काल निराकृत कर रहे हैं  धरने की आवश्यकता नहीं है.