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हथेली पर सुसाइड नोट में 'चेक माय होम' लिख ठेकेदार ने किया सुसाइड | INDORE NEWS

इंदौर। पॉश कॉलोनी में ठेकेदार द्वारा खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। सूदखोर से परेशान मृतक ने हाथ में चेक माय होम लिख खुदकुशी की है। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजन ठेकेदार को तलाशते साइट पर पहुंचे। बेसुध हालत में देख उन्हें सभी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां कुछ देर चले उपचार के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित किया है। परिजन ने मृतक को प्रताडि़त कर रहे सूदखोर पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सतीश 42 पिता तोताराम बिल्लौरे (Satish's father Totaram Billore) निवासी संजीवनी नगर, खजराना ने जहर खाकर खुदकुशी की । एमवाय शव का पीएम कराने पहुंचे भतीजे शुभम ने घटना की जानकारी दी। उसने बताया, मृतक पेशे से ठेकेदार है। वर्तमान में उनकी कंस्ट्रक्शन साइट मनीषपुरी स्थित मकान नंबर 8 में चल रही है। साइट पर जाने के बाद चाचा घर नहीं लौटे। उनकी पत्नी और बेटा उन्हें फोन लगाते रहे। कोई संपर्क नहीं होने पर दोनों शाम के वक्त उनकी साइट पर पहुंच गए। दोनों तलाशते हुए उन्हें तीसरी मंजिल पर पहुंचे। वे वहां बेसुध हालत में मिले। शाम करीब छह बजे चाची से मिली जानकारी के बाद परिवार मौके पर पहुंचा। सभी उन्हें उपचार के लिए हॉस्पिटल लाए, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। 

इलाज के लिए चाचा को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो हाथ की हथेली में नीले पेन से सुसाइड नोट लिखा देखा। जिसमें लिखा है की लेनदार का घर पर हिसाब रखा है। चेक माय होम और उसके नीचे हस्ताक्षर है। वहीं कलाई के उपरी हिस्से में बढ़े अक्षर में गार्ड की कोई गलती नहीं होने की बात लिखी है। शुभम ने चाचा के हाथ की तस्वीर अपने मोबाइल से खीची है। इस बारे में उन्होंने पुलिस को बताकर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

भतीजे शुभम का कहना है की चाचा सतीश ने मजदूर को रुपए देने के लिए कुछ समय पूर्व राजा नामक व्यक्ति से 40 हजार रुपए उधार लिए थे। आरोप है उधारी पर राजा उनसे 20 प्रतिशत ब्याज वसूलने लगा। ब्याज देने के बाद भी राजा उन्हें रुपयों के लिए परेशान करता रहा। आरोप यह भी है की रुपए नहीं देने पर सूदखोर ने उनकी नई टियागो कार छीन ली। इसके बाद भी उसने परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सूदखोर ने खजराना थाने में चाचा के खिलाफ झूठी शिकायत कर दी। आरोप है इसके बाद से थाने के पुलिसकर्मी ने चाचा पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इन सभी कारण से परेशान होकर चाचा ने यह कदम उठाया है।