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DAMOH के बारेलाल आदिवासी को पाकिस्तान से मुक्त कराने भारत सरकार की कोशिशें शुरू

भोपाल। 3 साल से लापता दमोह के बारे लाल आदिवासी को पाकिस्तान में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके साथ तेलंगाना राज्य के निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत वैनधम भी थे। प्रशांत भी 2 साल से लापता है। दोनों लोगों की स्थानीय पुलिस थानों में गुमशुदगी दर्ज है। अब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने दोनों नागरिकों को पाकिस्तान की कैद से मुक्त कराने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं।

पाकिस्तान में कैसे पकड़े गए दोनों भारतीय नागरिक

उल्लेखनीय है कि तेलंगाना और मध्य प्रदेश निवासी प्रशांत वैनधम और बारेलाल आदिवासी को 14 नवंबर को बहवालपुर में गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान पुलिस ने दावा किया है कि वैनधम और बारेलाल आदिवासी को 14 नवम्बर को यजमन पुलिस के एक गश्ती दल ने तब गिरफ्तार किया था, जब वह बहावलपुर जिले में चोलिस्तान क्षेत्र से अवैध तरीके से पाकिस्तान में दाखिल हो रहे थे।

पाकिस्तान दोनों भारतीय नागरिकों को बिना नुकसान वापस करे: भारत सरकार

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, 'हमें उम्मीद है कि दोनों पाकिस्तान के प्रॉपेगैंडा का शिकार नहीं होंगे। दोनों को बिना नुकसान पहुंचाए वापस भारत भेज देना चाहिए।' मंत्रालय ने कहा, 'भारत ने पाकिस्तान से मांग की है कि दोनों नागरिकों-प्रशांत वैनधम और बारेलाल आदिवासी को राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराई जाए, जिन्हें पाक अधिकारियों ने अरेस्ट किया है।' उधर, हैदराबाद का रहने वाले प्रशांत के पिता बाबूराव ने दावा किया है कि उनका बेटा दो साल से लापता था। उन्होंने यह भी बताया कि वह पेशे से इंजिनियर है। बाबूराव ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2017 में मधुपुर पुलिस थाने में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाबूराव हैरान हैं कि उनका बेटा किस तरह पाकिस्तान पहुंच गया। 

प्रशांत का मध्यप्रदेश की लड़की से अफेयर चल रहा था 

प्रशांत के पिता ने बताया कि उनका बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह बेंगलुरु में जॉब करता था। जिस कंपनी में वह नौकरी करता था उसी कंपनी में मध्य प्रदेश की एक लड़की भी नौकरी करती थी। दोनों के बीच अफेयर चल रहा था। इसी दौरान लड़की विदेश चली गई और प्रशांत डिप्रेशन में आ गया। डिप्रेशन के दौरान ही वह अचानक घर से लापता हो गया था।