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कांग्रेस नेता ने लोकायुक्त अधिकारियों को थाने बंद किया, धमकाया | INDORE NEWS

इंदौर। खबर आ रही है कि कांग्रेस पार्षद अनवर दस्तक ने लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल एवं संतोष भदौरिया को सेंट्रल कोतवाली में बंद किया और धमकाया। लोकायुक्त टीम ने अनवर दस्तक के भाई को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था। लोकायुक्त ने अनवर के भाई सलीम खान के खिलाफ तो मामला दर्ज​ किया है परंतु पुलिस थाने के दरवाजे बंद करके अधिकारियों को बंधक बनाने एवं शासकीय कार्य में बाधा के आरोप में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 

अनवर के परिवार ने कई कालोनियां काटी हैं


लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि कांग्रेस पार्षद अनवर दस्तक के भाई सलीम खान को 95 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। वह एक हाउसिंग सोसायटी में पदाधिकारी है। एक प्लॉट की एनओसी देने के एवज में वह एक लाख रुपए रिश्वत मांग रहा था। पार्षद का परिवार दस्तक नाम से एक अखबार संचालित करता है। इस परिवार ने कई कॉलोनियां भी काटी हैं। इसके अलावा पार्षद अनवर दस्तक पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष से मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

एनओसी के लिए रिश्वत मांग रहा था पार्षद का भाई

मिली जानकारी के मुताबिक रघुवीर नगर गृह निर्माण संस्था जिसकी ग्रीन पार्क कॉलोनी है। उसमें शौकत अली का प्लॉट है। उनके बेटे वासिफ अली एनओसी हासिल करने के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन बिना रिश्वत के सलीम खान एनओसी देने को तैयार नहीं था। इसकी शिकायत पीड़ित व्यक्ति ने लोकायुक्त पुलिस में की थी। सोमवार रात 9 बजे के करीब खान ने जैसे ही पीड़ित से रुपए लिए लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल व संतोष भदौरिया की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। इस पर सलीम खान अपने पार्षद भाई का रसूख दिखाने लगा। साथ ही दोनों भाई अफसरों को हटवाने की धमकी देते रहे। 

पार्षद ने सेंट्रल कोतवाली के दरवाजे बंद किए, अधिकारियों को धमकाया

इस पर पुलिस सलीम खान को पकड़कर सेंट्रल कोतवाली थाने ले गई। इसके बाद पार्षद भी वहां पहुंच गए। जहां उन्होंने रसूख दिखाते हुए थाने के गेट को बंद करा दिया। थाने पर लोकायुक्त पुलिस ने खान से बॉण्ड भरवाया और फिर उसे जाने दिया गया।

हाउसिंग सोसायटी के पदाधिकारी भी लोक सेवक होते हैं 

हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष व सचिव भी लोक सेवक की तरह होते हैं, इसलिए लोकायुक्त पुलिस ने संस्था के पदाधिकारी पर यह कार्रवाई की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जब मीडिया भी पहुंची, लेकिन उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया।