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MP CONGRESS: प्रबल प्रताप को निष्कासित करवाने, 4 विधायकों को इस्तीफे की धमकी देनी पड़ी | POLITICAL NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी और नेताओं के बीच चल रही राजनीति से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के लिए अभद्र भाषा का उपयोग करने के मामले में नगर पालिका मुरैना के पूर्व उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह मावई (Prabal Pratap Singh Maavai) को निष्कासित करवाने के लिए 4 एक मंत्री को ना केवल लॉबिंग करनी पड़ी बल्कि 4 विधायकों ने इस्तीफे की धमकी दी, तब कहीं जाकर प्रबल प्रताप सिंह को निष्कासित किया गया। 

मामला प्रदेश में कांग्रेस के तीसरे दिग्गज ज्योतिरादित्य सिंधिया के संदर्भ में है। प्रबल प्रताप ने उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में ही प्रबल को कुछ दिन पहले पार्टी से बाहर किया गया था, लेकिन पिछले सप्ताह चुपके से उनकी पार्टी में वापसी कर दी गई। इस बात का पता लगते ही सिंधिया कोटे से कमलनाथ (KAMAL NATH) सरकार में मंत्री जो बुंदेलखंड के रहने वाले हैं, उन्होंने अपने बंगले पर चारों विधायकों को बुलाया और दोबारा प्रबल प्रताप के खिलाफ लामबंदी की। मुरैना जिले की जौरा सीट से विधायक बनवारीलाल शर्मा, मुरैना विधायक रघुराज सिंह कंसाना, दिमनी विधायक गिर्राज डंडौतिया और कमलेश जाटव ने मुरैना जिलाध्यक्ष राकेश मावई के साथ मिलकर कमलनाथ से मुलाकात की। 

इसमें विधायकों ने सीधे प्रदेश अध्यक्ष एवं सीएम कमलनाथ से कहा कि एक वरिष्ठ नेता के विरुद्ध अभद्र भाषा बोलने वाले व्यक्ति की संगठन में वापसी हो जाए तो आपको कैसा लगेगा। यदि प्रबल प्रताप को दोबारा निष्कासित नहीं किया गया तो वे कुछ भी कदम उठा सकते हैं। इसके तुरंत बाद कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी व उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर से बात की। इसके बाद प्रबल को फिर बाहर किया गया। 

वापसी से मैसेज ठीक नहीं जाएगा 

अंबाह विधायक कमलेश जाटव ने कहा कि किसी भी बड़े नेता के लिए कोई कुछ कहेगा, अपमान करेगा, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करेगा तो कैसा लगेगा। इसी पर तो निष्कासन हुआ। यदि ऐसे आदमी की वापसी हो जाएगी तो मैसेज ठीक नहीं जाएगा। यही बात हमने कमलनाथ जी से कही। यह भी कहा कि यदि प्रबल को पार्टी से बाहर नहीं किया गया तो हम कुछ भी कदम उठा सकते हैं। 

मान-सम्मान की बात थी

दिमनी विधायक गिर्राज डंडौतिया (Dimni legislator Girraj Dndutia) ने कहा कि हम उनसे मिले थे। कह दिया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के सम्मान की बात है। दूसरे गुट के कहने से वापसी कैसे हो सकती है। जहां तक इस्तीफे की बात है तो हमारे नेता के मान-सम्मान की बात आएगी तो फिर हम कहेंगे। कमलनाथ जी ने तुरंत बहाली के निर्णय को वापस कर दिया।