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हैंडपम्प तकनीशियनों के मामले में उच्च न्यायालय के फैसले अवमानना | EMPLOYEE NEWS

भोपाल। प्रदेश के बड़वानी व खरगोन जिलों के हैंडपम्प तकनीशियनों को 975-1650 वेतनमान दिया गया है। यह वेतनमान हाईकोर्ट के आदेश पर दिया गया। नीमच एवं मंदसौर जिलों में आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। यहां उच्च न्यायालय की अवमानना की जा रही है। 

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जिला शाखा नीमच के अध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार, प्रांतीय सचिव यशवंत जोशी जिला शाखा मंदसौर के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने संयुक्त प्रेस नोट में कहा है कि मंदसौर-नीमच जिले में इस वर्ग को माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के फैसले के बावजूद 975-1650 के बजाय 950-1530 वेतनमान पर रोक कर माननीय न्यायालय की अवमानना की जा रही है। इस संबंध में महामहिम राज्यपाल, मुख्य अभियंता इंदौर, कलेक्टर महोदय एवं जिला पेंशन अधिकारी  मंदसौर को ज्ञापन देकर इस संबंध में अवगत करवाया जा चुका है। विडम्बना है कि कोषलेखा उज्जैन ने माननीय न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए आदेश पारित किया लेकिन नीमच मंदसौर जिलों में लगातार अवमानना जारी है। 

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ माननीय मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री महोदय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए निवेदन करता है कि माननीय उच्च न्यायालय के फैसले को प्रदेश के समस्त जिलों में प्राथमिकता से पालन करवाने का कष्ट करें व उपेक्षा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ योग्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान हो।