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ADHYAPAK NEWS: निलंबन वापस नहीं तो उग्र आंदोलन: शासकीय अध्यापक संगठन

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने 30% से कम परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों/अध्यापकों को किताब रखकर परीक्षा (Teacher Efficiency Examination) लेने का फरमान जारी किया गया था। जिसका शासकीय अध्यापक संगठन यह कहते हुए विरोध जताया कि यदि सरकार को परीक्षा लेनी ही है तो सरकार परीक्षा ले लेकिन किताब रखकर परीक्षा देने का आदेश वापिस ले क्योकि अध्यापकों/शिक्षकों पर नकलनुमा दाग लगे वह बर्दाश्त नही लेकिन सरकार ने शासकीय अध्यापक संगठन के ज्ञापन पर कोई कार्यवाही नही की परिणामस्वरूप होने वाली शिक्षक परीक्षा का शासकीय अध्यापक संगठन शिवपुरी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी के नेतृत्व मैं परीक्षा का बहिष्कार किया गया।

जिस पर शिवपुरी जिला प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से किये गए आंदोलन कर्ताओं को दबाने के लिए शासकीय अध्यापक संगठन प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती वंदना शर्मा, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, सहित चार अन्य साथियों को को संयुक्त संचालक लोक शिक्षण ग्वालियर संभाग एवं शिवपुरी जिला प्रशासन द्वारा निलंबित किया गया, जो बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है।शासकीय अध्यापक संगठन इस तरह की प्रशासनिक गुंडागर्दी की घोर निंदा करता है।

मध्यप्रदेश शासकीय अध्यापक संगठन प्रशासन की ऐसी हिलटर शाही कार्यवाही से डरने वाला नही है बल्कि और अधिक ऊर्जा के साथ ऐसी तानाशाही के विरोध में अपने सभी अध्यापक साथियो के साथ है।संगठन बिना डर भय के सरकार की गलत नीतियों का पहले भी विरोध करता आया है, आगे भी करता रहेगा।हम हर स्थिति का शांतिप्रिय ढंग से मुकाबला करेगें, परन्तु यदि प्रशासनिक तानाशाही पर लगाम नही कसी गई और उपरोक्त अध्यापको का निलंबन अविलंब वापिस नही लिया गया तो हम उग्र आंदोलन से भी पीछे नही हटेंगे।

शासकीय अध्यापक संगठन के प्रान्तीय प्रवक्ता अभय राज योगी एवं जिला अध्यक्ष सुरेश पांडेय ने संयुक्त रूप से  प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मध्य प्रदेश के अंदर माननीय कमलनाथ जी की सरकार को विपक्षी पार्टियां हजम कर पा रही हैं या नहीं, यह तो राजनैतिक लोग जाने पर यह स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी इस सरकार को हजम नही कर पा रहे हैं!

पहले तो इन्होंने कमलनाथ जी के वचन पत्र में अध्यापकों के लिए उल्लेखित 1994 वाले मूल शिक्षा विभाग दिए जाने के वचन की धज्जियां उड़ाते हुए अध्यापक विरोधी राज्य शिक्षा सेवा लागू करने में पूरी ताकत लगा दी परंतु जब शोषण के आदी हो चुके अध्यापक संवर्ग का आक्रोश सड़कों में दिखने की जगह न्यायालय में अधिकारियों की गले की फांस बनने लगा तब उन्होंने शिक्षक की गरिमा को ध्वस्त करने और सरकार के विरुद्ध आक्रोश भड़काने वाला नकल युक्त दक्षता परीक्षा का आदेश जारी कर दिया। 

मध्यप्रदेश शासकीय अध्यापक संगठन ने शिक्षकों की उक्त गरिमा विहीन दक्षता परीक्षा का बहिष्कार करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने कुर्बानी दी है। मध्यप्रदेश शासकीय अध्यापक संगठन के उपाध्यक्ष जय भारत सिंह चौहान ने कहा है कि आयुक्त लोक शिक्षण सहित अन्य अफसर हमें माननीय कमलनाथ जी की सरकार के विरुद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रहे हैं परंतु हमारी मांग है कि अध्यापकों/शिक्षकों के विरुद्ध जारी आदेश तत्काल निरस्त किए जावे तथा परीक्षा का आयोजन  जिला शिक्षा अधिकारी तथा उनके ऊपर के अधिकारियों के लिए किया जाए ताकि इन अधिकारियों की हकीकत भी सामने आ सके।