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ज्योतिरादित्य-कमलनाथ कुछ तो शर्म करो, किसानों की हाय मत लो : शिवराज सिंह | GWALIOR NEWS

शिवपुरी। पोहरी (POHRI) में आज ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी विवेक शेजवलकर (Vivek Shejwalkar) के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने बस स्टैंड पर सभा ली। शुरुआत में ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार पर कर्जमाफी को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि,"कांग्रेस ने 10 दिन में कर्जा माफ करने की कहा था, लेकिन 4 महीने तक सभी किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ। किसानों का 48 हजार करोड़ कर्जा है और सरकार ने 1300 करोड़ बैंको को दिए हैं तो कर्जा कहां से माफ होगा। कागजों से कर्जा माफ नही होता, बैकों में पैसा जमा करना पड़ता है।"

वहीं किसानों से हो रही अनाज खरीदी में देरी पर भी शिवराज सिंह ने कमलाथ सरकार को आडे़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि, "सरकारी तौल पर किसानों की तौल समय पर नही हो रही है, 6-6 दिन से किसान ट्रॉली लेकर बैठे हैं। किसानों का माल बिना पैसे दिए नहीं तुल रहा है। अरे ज्योतिरादित्य-कमलनाथ कुछ तो शर्म करो, अब तो किसानों की हाय मत लो, किसानों का दिल मत दुखाओ।"

मध्य प्रदेश में बेरोजगारों को भत्ता देने की बात पर शिवराज सिंह ने कहा कि, "कांग्रेस सरकार ने बेरोजगार को 4000 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने को कहा था, जो आज तक नही दिया। कांग्रेस ने रोजगार देने की बात तो कही, लेकिन वो भी ऐसी कि हर कोई हैरान रह गया। सरकार ने युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए गाय-भैंस चराने से लेकर बैंड बजाने की ट्रेनिंग देने की तैयारी कर ली थी। अब वक्त आ गया है, 12 मई को आप कांग्रेस का बैंड बजा देना।"

कमलनाथ सरकार पर  कसा तंज

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सभा में भाजपा सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि इस सरकार ने गरीबों के कफन तक को छीन लिया। हमारी सरकार में गरीबों को अंतयेष्टि कि लिए 5000 रुपए दिए जाते थे। वो सरकार ने बंद कर दिए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत मामा हजारो बेटियों के हाथ पीले करता था, लेकिन ऐसी निकम्मी सरकार आई है कि एक भी बेटी के हाथ पीले नहीं हो पाए।

जब-जब बिजली जाएगी शिवराज मामा याद आएंगे 

शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "क्या हुआ तेरा वादा, भूल गए सब कुछ याद नहीं अब कुछ। इस सरकार ने आदिवासी महिलाओं हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपए की सहायता राशि को बंद कर दिया। बच्चों की स्कूल फीस बंद कर दी, बिजली का बिल 200 किया, अब तो बिजली ही गोल है। जब-जब बिजली जाएगी मामा याद आएगा।"