QNET के 58 अधिकारी गिरफ्तार, नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर 1000 की ठगी | BUSINESS NEWS

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QNET के 58 अधिकारी गिरफ्तार, नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर 1000 की ठगी | BUSINESS NEWS

हैदराबाद। अधिक धन का लालच देकर हजारों की संख्या में लोगों को ठगने वाले क्यू नेट के बदमाशों को साइबराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बेरोजगारों व मासूम लोगों को ट्रैप करना और बाद में उन्हें चैन सिस्टम के जरिए प्राइज मनी और कमिशन मिलने का लालच देकर ठगने वाले 58 लोगों को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में ले लिया। एक व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत के आधार पर साइबराबाद ईओडब्ल्यू (इकानॉमिक ऑफेन्स विंग) के अधिकारियों ने इस मल्टिलेवल मार्केटिंग गैंग का भंडाफोड़ किया है।

साइबराबाद के पुलिस आयुक्त सज्जनार ने बताया कि साइबराबाद की परिधि में क्यू नेट की धोखाधड़ी को लेकर 14 मामले दर्ज हुए थे। देशभर में क्यू नेट के बैंक खाते और गोदाम सीज कर दिए गए हैं और गिरफ्तार किए गए लोगों को रिमांड पर भेजा जा रहा है। आपको बता दें कि क्यू नेट के चेयरमैन माइकिल फेरारी को पहले ही हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

1000 करोड़ की ठगी
सज्जनार ने बताया कि ये लोग निर्दोष और बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते हुए बिजनेस प्लान होने के नाम पर उन्हें अपनी जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये ठगते थे। उन्होंने बताया कि विभिन्न मामलों में कुल 58 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की प्राथमिक जांच से पता चला है कि क्यू नेट ने मल्टिलेवल मार्केटिंग के नाम पर लोगों से करीब एक हजार करोड़ रुपए तक वसूले हैं। गिरोह में शामिल तीन बैंक कर्मियों को भी हिरासत में लिया गया है। ये सभी वर्ष 2001 में इस धंधे में लिप्त थे। उन्होंने बताया कि इनसभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के हत्थे चढ़े QNET के 58 इंडिपेंडेंट रिप्रजेंटेटिव्स
साइबराबाद पुलिस ने 'QNET MLM' कंपनी के गिरफ्तार किए गए सभी 58 इंडिपेंडेंट रिप्रजेंटेटिव्स के विरुद्ध 'वित्तीय हेरा-फेरी' और 'चारसौबीसी' के मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने देशभर में स्थित क्यूनेट एसोसिएट्स के कई गोदामों को भी सील कर दिया है और साथ ही गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं। इससे पहले साल 2016 में भी हैदराबाद पुलिस ने QNET के चार इंडिपेंडेंट रिप्रजेंटेटिव्स श्रीनाथ कोंडा, प्रसन्ना कुमार रेड्डी, कंचन वो​ब्बिलिचेट्टी और बीमार्थी धन राज को 200 लोगों के साथ पैसों की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उनके पास से 2 से 3 करोड़ रुपए भी जब्त किए थे।

दिल्ली एनसीआर में भी जमकर चल रहा है गोरखधंधा
हैदराबाद पुलिस बार-बार लोगों से QNET और इसकी इंडियन फ्रैंचाइज कंपनी 'Vihaan Direct Selling (India) Pvt Ltd.' के साथ किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन करने से मना करती रही है। कानून के मुताबिक भारत में प्रतिबंधित इस तरह के पोंजी स्कीम को प्रमोट करने वाला और लोगों को इस तरह के एमएलएम चेन से जोड़ने वाला व्यक्ति भी आर्थिक अपराध का दोषी होगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पिछले साल यानी 2018, सितंबर में QNET को दुबई में होने वाले अपने सालाना कार्यक्रम 'V-Con' को सुरक्षा एजेंसियों की दबिश के बाद निरस्त करना पड़ा था। हाल ही में सऊदी अरब की 'मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' ने QNET के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। QNET से जुड़े रिप्रजेंटेटिव्स हैदराबाद के अलावा बेंगलुरु, नोएडा, गुरुग्राम, दिल्ली सहित चंंडीगढ़ और लुधियाना जैसे शहरों में लोगों से ठगी कर रहे हैं। दिल्ली एनसीआर के कई शॉपिंग मॉल्स में   QNET रिप्रजें​टेटिव्स युवाओं से ठगी का अपना गोरखधंधा चला रहे हैं।

भारत में कई बार प्रतिबंधित हो चुकी है 'QNET' कंपनी
भारत में QNET को कई बार प्रतिबंधित किया जा चुका है। यह कंपनी कई बार अपना नाम बदल चुकी है। साल 2002 में यह 'गोल्ड क्वेस्ट' के नाम से काम करती थी, तब चेन्नई और दक्षिण भारत के कई शहरों में उसके खिलाफ केस दर्ज हुए तो 2007 में कंपनी ने अपना नाम 'क्वेस्ट नेट' कर लिया। इस कंपनी के खिलाफ भारत में करीब 32 हजार लोगों ने फर्जीवाड़े की 200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके बाद एक बार फिर इस कंपनी ने अपना नाम बदला और QNET के नाम से लोगों को गुमराह करना शुरू किया। गौरतलब है कि पिछले साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्र में सत्तासीन भाजपा ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 'QNET' को स्कैम कंपनी करार दिया था। पहले भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा और फिर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 'QNET' को फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी करार दिया गया था।