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MPPSC: सहायक प्राध्यापक राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) 2018 का कार्यक्रम जारी

इंदौर। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने सहायक प्राध्यापक की राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) 2018 (Assistant Professor State Eligibility Test (SET) 2018,) का कार्यक्रम जारी कर दिया है। मगर इस बार उन्होंने मुख्य परीक्षा कराने से पहले उन अभ्यार्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं, जिनके दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गईं हैं। ऐसे आवेदनों की संख्या करीब 379 है। मगर हैरानी की बात यह है कि वर्ष 2017 में इसी आयोग और उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा कराई और उसमें त्रुटिपूर्ण आवेदनों को ठीक करने के लिए अभ्यार्थियों को 6 मौके दिए और इसकी भर्ती प्रक्रिया अब तक जारी है। 

मगर अब नई सेट परीक्षा 2018 का जो विज्ञापन जारी हुआ है उसमें मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने उत्तरप्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से सबक लिया है और उसी के तर्ज पर परीक्षा से पहले दस्तावेजों का सत्यापन कर लिया है और 17 से 24 जनवरी तक आयोग यह सेट की परीक्षा कराने जा रहा है। 

पहले दिया था मौका: 
आयोग ने वर्ष 2017 में सहायक अध्यापक भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। जिसमें उन्होंने अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन लेकर 26 जनवरी 2018 तक त्रुटि सुधारने के लिए मौका दिया था। जिसमें उल्लेख था कि इसके बाद कोई भी आवेदन या दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा। मगर आयोग ने ऐसा न करके परीक्षा के बाद आयोग और उच्च शिक्षा विभाग ने मिलकर 6 मौके उन अभ्यार्थियों को दिए, जिनके दस्तावेजों में त्रुटियां थीं। एेसे आवेदनों की संख्या करीब 610 थी और इन अभ्यार्थियों को 26 जनवरी 2018 नहीं बल्कि 8 जनवरी 2019 तक का अंतिम समय दिया गया। यह परीक्षा अब भी विवादों में घिरी हुई है। 

यूपी के आयोग से सबक लिया है : 
दरअसल मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक डॉ. आरआर कान्हेरे ने 3 जनवरी 2019 को विज्ञप्ति क्रमांक 5/6 जारी कर परीक्षा 2018 का उल्लेख करते हुए बताया था कि राज्य पात्रता परीक्षा 2018 के 379 अभ्यार्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं। आदेश में उन्होंने स्पष्ट किया है कि इन आवेदकों के दस्तावेजों में जांच के बाद त्रुटि पाई है। आवेदनों में यह त्रुटियां जैसे पीजी डिग्री में गड़बड़ी, प्रतिशत में कमी, योग्यता परीक्षा पास न होना, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज न होना पाया है। 

आवेदकों के दस्तावेज बुलवाए हैं। उनकी जांच होने के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
डॉ. पीसी यादव, एग्जाम कंट्रोलर एमपी पीएससी