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अब उमा भारती ने भी कस दिया मोदी-योगी पर तंज | NATIONAL NEWS



नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी एवं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इन दिनों राममंदिर आंदोलन में भागीदार रहे नेताओं एवं आमजनों के निशाने पर है। लोकसभा का कार्यकाल पूरा होने को है। आम चुनाव आने ही वाले हैं लेकिन राममंदिर मुद्दे का हल नहीं खोजा जा सका। उमा भारती भी ऐसे ही नेताओं में से एक हैं। केंद्रीय मंत्री हैं इसलिए अब तक चुप रहीं परंतु अब उन्होंने भी तंज कस दिया है। 

बता दें कि इन दिनों विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत देश के तमाम साधु-संत पीएम नरेंद्र मोदी सरकार पर मंदिर को लेकर कानून बनाने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने रविवार को कहा कि यदि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ के रहते अयोध्या में राममंदिर के निर्माण का रास्ता न निकले तो देश के लोगों को धक्का लगेगा।

भाजपा को सत्ता तक लाने में राम मंदिर की बड़ी भूमिका
केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा कि यह सही है कि मोदीजी प्रधानमंत्री हों और योगीजी मुख्यमंत्री हों और फिर भी राममंदिर निर्माण का रास्ता न निकले तो लोग इस बात से आश्चर्यचकित होंगे कि हम राममंदिर के लिए रास्ता क्यों नहीं बना पाए। उन्होंने आगे कहा, कि यह लोगों के लिए धक्का होगा। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई है कि बीजेपी की (वर्ष 1984 में हुए लोकसभा चुनाव में) दो सीटें थीं। जब राममंदिर आंदोलन हुआ तो वर्ष 1989 में दो सीटों से 84 सीटें हुई थीं और अंत में 2014 के लोकसभा चुनाव में 284 सीटें आ गई। इसमें राममंदिर की बहुत बड़ी भूमिका रही है।

कुछ भी करें लेकिन हल निकलना चाहिए
उमा भारती ने बताया कि मैं आज भी यही कहूंगी चाहे एक्ट हो, चाहे अध्यादेश हो, सामंजस्य का रास्ता बनाकर ही राममंदिर निर्माण का रास्ता निकालना चाहिए और इसमें सबको सहयोग करना चाहिए। इस बात के साथ होना चाहिए कि आप (राममंदिर निर्माण की) बात शुरू करो हम आपका साथ दे देंगे। यह पहल अटल जी के समय भी हुई थी और चंद्रशेखर जी के समय पर भी हुई थी।