जबलपुर। प्रदेश के वेटनरी विश्वविद्यालय में बीवीएससी कोर्स की प्रवेश परीक्षा इस बार वेटनरी कौंसिल ऑफ इंडिया लेगा, लेकिन फिशरी और वेटनरी डिप्लोमा कॉलेज की सीटों के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी इस बार भी व्यापमं यानि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के जिम्मे हैं। हालांकि इन परीक्षाओं के सफल होने वाले विद्यार्थियों की काउंसलिंग विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन ली जाएगी या फिर ऑफलाइन, अभी तक यह तय नहीं हो सका है।
80 से ज्यादा सीटें खाली
दरअसल 2015 से ही ऑनलाइन काउंसलिंग सिस्टम का लागू किया गया, लेकिन यह पूरी तरह से फेल रहा। इससे सिर्फ छात्रों को ही नहीं बल्कि विवि को भी नुकसान हुआ। विवि की डिग्री समेत डिप्लोमा और फिशरी कॉलेज की तकरीबन 80 से ज्यादा सीटें खाली रह गई थीं।
कन्फर्म नहीं होगी सीट
क्रिस द्वारा ली गई ऑनलाइन काउंसलिंग में कई ऐसे नियम थे, जिसने विवि को लाखों को नुकसान पहुंचाया। दरअसल काउंसलिंग के दौरान ज्यादातर छात्र ने सिर्फ 5000 रुपए देकर अपनी सीट बुक कर ली, लेकिन जैसे ही एआईपीएमटी के रिजल्ट जारी हुए, उन्होंने यहां से अपना प्रवेश रद्द कराकर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया।
- व्यापमं के नियम ही होंगे सख्त
- संभावित 5 जून को हो सकती है डिप्लोमा और डिग्री का प्री टेस्ट
- व्यापमं सिर्फ डिप्लोमा और फिशरी का प्री टेस्ट लेगा
- पिछले फर्जीवाड़े को देखते हुए इसे रोकने के लिए इस बार विशेष व्यवस्था की गई
- फोटो मिलान में होने वाली परेशानियों को भी इस बार दूर किया जाएगा
- ऑनलाइन में यह आई थी दिक्कत
- ऑनलाइन काउंसलिंग के नियम न तो प्रोफेसर्स को पता था न ही प्रशासनिक अधिकारियों को
- विवि के किसी भी व्यक्ति को इसके लिए विशेष प्रशिक्षत भी नहीं दिया गया था
- सिर्फ 5 हजार देकर ही छात्रों ने सीट बुक की लेकिर प्रवेश नहीं लिया
- च्वाइंस फिलिंग में जो कॉलेज मिला, प्रवेश के वक्त वह कॉलेज बदल गया।
- एनआरआई कोटा खत्म करने से भी यह मुश्किल और बढ़ गई थी।
